कोटद्वार : भाबर स्थित भगवंत ग्लोबल विश्वविद्यालय में आज विश्व रेडियोलाजी दिवस 2025 जिसका “Radiographers: Seeing the Unseen” , धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिकुलपति प्रो. पीएस राणा, डॉ. के. सर्वानन व विभागाध्यक्ष श्वेता डोबरियाल द्वारा सरस्वती माता की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर व पुष्प अर्पितकर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ व समापन राष्ट्रगीत वन्दे मातरम…… से किया गया। इस उपलक्ष्य में सरस्वती वन्दना, नुक्कड़ नाटक, नृत्य व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

यह भी पढ़ें :  आर्थिक तंगी भी नहीं रोक सकी किशन की संगीत साधना, सुनाई संघर्ष की कहानी

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रति- कुलपति प्रो. राणा ने अपने उद्बोधन में रेडियोलाजी के जनक विलहेम कोनरेड रोण्टजन को याद करते हुए सभी को दिवस की बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में रेडियोलॉजिस्ट का बहुत बड़ा महत्व है। सभी छात्र-छात्राओं को अपने विषय के प्रति अनुराग एवं व्यवसाय के प्रति ईमानदारी व सत्यनिष्ठा होनी चाहिए यही किसी दिवस को मनाने का उद्देश्य भी है और तभी हम अच्छे नागरिक का कर्तव्य भी निभा सकते हैं। साथ ही यह भी कहा कि शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान, भाव, क्रिया पक्ष के साथ- साथ सेवा भाव पैदा करना भी होना चाहिए। छात्र-छात्राओं द्वारा भाषण व सांस्कृतिक क्रियाकलाप भी किये गय। समन्वयक कु. फरहत वानी ने पाठ्यक्रम व रेडियोलाजी दिवस के बारे में इसके उद्देश्य, भूमिका पर प्रकाश डाला।

यह भी पढ़ें :  उत्तराखंड कैबिनेट में 10 बड़े फैसले : पांच मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ा, पदक विजेता खिलाड़ियों को 243 पदों पर मिलेगी नियुक्ति

विभागाध्यक्ष द्वारा कार्यक्रम के समापन पर आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर फार्मेसी प्राचार्य डॉ. के. सर्वानन, सहा. कुलसचिव अरुण कुमार, रूचि रावत, जितेन्द्र रावत, निहारिका रावत, फरहत आदि शिक्षक, कर्मचारी व छात्र -छात्राएं सम्मिलित हुए। विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. अनिल सिंह, चेयरपर्सन डॉ. आशा सिंह, डॉ. विभांशु विक्रम सिंह ने सभी शिक्षकों व छात्र-छात्राओं को विश्व रेडियोलाजी दिवस की शुभकामनाएं व बधाई दी।

The post भगवंत ग्लोबल विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया विश्व रेडियोलाजी दिवस, राष्ट्रगीत वन्दे मातरम से हुआ शुभारम्भ व समापन appeared first on badhtabharat.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *