गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर समेत तमाम आवादी वाले इलाकों में भालुओं की दस्तक से लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। इसके चलते लोग अब सुरक्षित भविष्य को लेकर चिंता में पड़ गए हैं।

जिला मुख्यालय गोपेश्वर में घिंघराण बस स्टेशन के इलाके में भालू की दस्तक ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। इस इलाके भालू के विचरण से लोगों की आवाजाही खतरे में तो पड़ ही गई है अपितु इस क्षेत्र में रात को भी लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। इसके चलते लोग सूरज ढलते ही घरों के भीतर रहने को विवश हो गए हैं। इस तरह के हालातों से लोग हैरान परेशान हो चलें है।

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पोखरी ब्लॉक के पाब गांव में महिला पर भालू के हमले से पूरे इलाके में दहशत व्याप्त हो गई है। इसके चलते पोखरी के लोग भी अब भालुओं से सुरक्षा को लेकर गुहार लगाने लगे हैं। जोशीमठ इलाके में भी भालुओं की दस्तक ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। इसी तरह थराली क्षेत्र में भालुओं के दस्तक ने लोगों को मुश्किल में ला खड़ा कर दिया है। अब आवादी वाले क्षेत्रों में भालुओं की दस्तक से लोगों की नींद उड़ कर रह गई है।

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पूर्व काबिना मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने बदरीनाथ के डीएफओ सर्वेश दुबे तथा प्रभारी जिलाधिकारी अभिषेक त्रिपाठी से मुलाकात कर भालुओं के आंतक से लोगों को निजात दिलाने की मांग की है। इस दौरान उन्होंने प्रमुख वन संरक्षक से भी फोन पर वार्ता की और तत्काल भालुओं को मारने के आदेश निर्गत करने को कहा। उनका कहना था कि लोगों की जान की कीमत पर भालुओं की सुरक्षा नहीं की जा सकती। इसलिए आम लोगों को भालुओं के आंतक से निजात दिलाने के लिए भालुओं को मारने के आदेश निर्गत किए जाने चाहिए। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य योगेंद्र सेमवाल, बीकेटीसी के पूर्व सदस्य बीरेंद्र असवाल भी वार्ता में शामिल रहे।

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प्रभारी जिलाधिकारी/सीडीओ अभिषेक त्रिपाठी ने वन विभाग के अधिकारियों को भालू प्रभावित क्षेत्रों में भालुओं के आक्रमण की रोकथाम के लिए तकनीकी टीम सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने रात व प्रातः नियमित गश्त कराने तथा आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से जनमानस की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।

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