देहरादून : जिलाधिकारी सविन बंसल ने बीमा क्लेम न चुकाने और विधवा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में HDFC Ergo General Insurance Company Ltd. के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। DM ने कंपनी के नाम 8 लाख 11 हजार 709 रुपये की रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी करते हुए तहसीलदार सदर को भू-राजस्व बकाया की तरह वसूली के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि पांच दिन के अंदर ऋण माफी (क्लेम सेटलमेंट) नहीं किया गया तो कंपनी की सम्पत्ति कुर्क कर नीलाम कर दी जाएगी।

यह भी पढ़ें :  अवैध निर्माण पर एमडीडीए का एक्शन तेज, देहरादून और ऋषिकेश में दो निर्माण सील

मामला विकासनगर क्षेत्र की रहने वाली सुप्रिया नौटियाल (पत्नी स्व. प्रदीप रतूड़ी) का है। उनके पति ने वाहन खरीदने के लिए HDFC Bank से 8,11,709 रुपये का लोन लिया था। बैंक ने अनिवार्य बीमा के नाम पर HDFC Ergo General Insurance से पॉलिसी नंबर CI 24-14680 और सर्व सुरक्षा प्लस क्लेम नंबर RR-CI 24-14680891 के तहत बीमा कराया था।

प्रदीप रतूड़ी की मृत्यु के बाद जब सुप्रिया ने क्लेम मांगा तो कंपनी ने कोई दस्तावेज भौतिक रूप से नहीं दिए और क्लेम भी खारिज कर दिया। इसके बावजूद बैंक ने विधवा से पूरी किश्तें वसूलने और गाड़ी उठा लेने की धमकी देनी शुरू कर दी। 9 साल की मासूम बेटी की यह विधवा माँ परेशान होकर 15 नवम्बर को जिलाधिकारी के जनता दर्शन में पहुंची और गुहार लगाई।

यह भी पढ़ें :  मौसम विभाग का भारी बारिश का अलर्ट : बागेश्वर, टिहरी और चम्पावत में 29 जुलाई को स्कूल बंद

शिकायत की जांच में बीमा धोखाधड़ी के स्पष्ट प्रमाण मिले। DM ने इसे गम्भीरता से लेते हुए तुरंत RC जारी कर दी और कहा कि बीमित ऋण होने के बाद भी आम जनता को प्रताड़ित करने की इजाजत किसी बैंक या इंश्योरेंस कंपनी को नहीं दी जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिले में ऋण बीमा धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर अब कड़ाई से नकेल कसी जाएगी। कई अन्य बैंक और इंश्योरेंस कंपनियां भी उनके रडार पर हैं। ऐसे प्रकरणों में आगे सम्पत्ति कुर्की, नीलामी और जरूरत पड़ी तो शाखा सीज करने तक की कार्रवाई होगी।

यह भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी

विधवा सुप्रिया नौटियाल ने जिलाधिकारी का आभार जताते हुए कहा कि कई महीनों से मानसिक प्रताड़ना झेल रही थीं, अब उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *