ज्योतिर्मठ। नगर में वर्ष 2023 में आई भू-धंसाव की आपदा के बाद ज्योतिर्मठ नगर को सुरक्षित करने के लिए सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मारवाड़ी पुल से विष्णुप्रयाग पुल तक अलकनंदा नदी के तट पर सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी लाई गई है।

सिंचाई विभाग द्वारा 230 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इस दीवार का कार्य 9 नवंबर से शुरू हुआ था, जिसमें अब तक लगभग 60 मीटर निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। विभाग का लक्ष्य है कि मानसून से पहले पूरा कार्य पूर्ण कर लिया जाए।

यह भी पढ़ें :  एमडीडीए में आयोजित हुआ ‘समाधान दिवस’, आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए गए निर्देश

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता धीरज डिमरी ने बताया कि इस परियोजना की लगातार निगरानी उत्तराखंड सरकार द्वारा की जा रही है। ULMCC (उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र) प्रतिदिन कार्य प्रगति की रिपोर्ट शासन को भेज रहा है। इस सुरक्षा परियोजना पर लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत आ रही है और जून माह तक कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है।

स्थानीय जनप्रतिनिधि भी कार्यों की गुणवत्ता पर नजर बनाए हुए हैं। नृसिंह वार्ड के सभासद दीपक शाह ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर कहा कि यह सुरक्षा दीवार जोशीमठ के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

यह भी पढ़ें :  नीलकंठ यात्रा मार्ग पर पुलिस की तत्परता से बची श्रद्धालु की जान

सरकार के इस पहले चरण के प्रयासों के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में नगर के विभिन्न वार्डों में ड्रेनेज और सीवर लाइन बिछाने का कार्य भी शुरू होगा, जिससे भू-धंसाव की समस्या को स्थायी रूप से नियंत्रित किया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *