चमोली। जनपद के नन्दप्रयाग संगम पर अंत्येष्टि को लेकर विवाद हो गया है। बीते 9 जनवरी को बैरसकुंड मटई गांव के एक ग्रामीण की अंत्येष्टि के लिए परिजन शव को नन्दप्रयाग संगम स्थित श्मशान घाट ले गए थे। आरोप है कि वहां कुछ लोगों ने स्वयं को नन्दप्रयाग नगर पंचायत का कर्मचारी बताते हुए अंत्येष्टि करने से मना कर दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि यह श्मशान घाट उनका पुश्तैनी दाह संस्कार स्थल है और वर्षों से यहां अंतिम संस्कार की परंपरा रही है। श्मशान घाट को इस प्रकार रोके जाने से क्षेत्रीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने मौके पर विरोध जताते हुए कहा कि यह घाट नगर पंचायत क्षेत्र में जरूर आता है, लेकिन यह स्थानीय लोगों के अधिकार और परंपरा से जुड़ा हुआ स्थल है।

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ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उक्त क्षेत्र में नमामि गंगे परियोजना के तहत कार्य किया गया है और यहां नियमित रूप से दाह संस्कार होते रहे हैं, इसके बावजूद इस प्रकार की रोक-टोक अनुचित है।

मामले को लेकर नगर पंचायत नन्दप्रयाग के अधिशासी अभियंता (ईओ) ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार की अनुमति है।

स्वच्छता को लेकर उन्होंने बताया कि आसपास गंदगी की शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं, इसी कारण लोगों को निर्धारित स्थान पर दाह संस्कार करने के लिए अवगत कराया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी नगर पंचायत कर्मचारी द्वारा गलत व्यवहार किया गया है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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