ज्योतिर्मठ। पहाड़ों में पिछले तीन महीनों से चले आ रहे लंबे सूखे का सिलसिला आखिरकार थम गया है। कुदरत की मेहरबानी से चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर हिमपात हुआ है। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली, बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, नीति–माणा घाटी सहित सीमांत क्षेत्र के 40 से अधिक गांव बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं, जिससे पूरा इलाका किसी जन्नत सा नजर आ रहा है। अप्रत्याशित बर्फबारी से उत्साहित दिल्ली और उत्तर प्रदेश से पहुंचे सैलानी कड़ाके की ठंड के बावजूद बर्फबारी का आनंद लेते हुए फोटो खिंचवाने और मौज-मस्ती में जुटे नजर आए। वहीं दूसरी ओर इस प्राकृतिक सौंदर्य ने जनजीवन और यातायात की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।

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ज्योतिर्मठ–औली मोटर मार्ग पर टीवी टावर, कवांण बैंड और इंदिरा पॉइंट जैसे स्थानों पर बर्फ की मोटी परत जम जाने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर गाड़ियों के पहिये थम गए हैं। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने वाहनों को ज्योतिर्मठ की ओर वापस भेजा, हालांकि भारी हिमपात के कारण कई वाहन अब भी मार्ग में फंसे हुए हैं। लगातार हो रही बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और पूरा विकासखंड कड़ाके की शीतलहर की चपेट में आ गया है। प्रशासन द्वारा लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की गई है। चमोली जिले के वांण, निज़मूला घाटी, पोखरी, गैरसैंण क्षेत्र के साथ ही सभी ऊंचाई वाले गांवों में दोपहर बाद से बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है।

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