नई दिल्ली : भारतीय रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। इंटरबैंक फॉरेक्स बाजार में रुपया 91.95 पर खुला और गिरकर 92.00 प्रति डॉलर के स्तर को छू लिया। यह पिछले क्लोजिंग स्तर से 1 पैसा कमजोर रहा, जबकि बुधवार को रुपया 31 पैसे की गिरावट के साथ 91.99 पर बंद हुआ था – जो उसका अब तक का सबसे कमजोर क्लोजिंग स्तर है। इससे पहले 23 जनवरी को इंट्रा-डे कारोबार में भी रुपया 92.00 के स्तर को छू चुका था।

इस साल अब तक रुपया करीब 2% कमजोर हो चुका है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के माल निर्यात पर भारी टैरिफ लगाए जाने के बाद से यह लगभग 5% तक गिर चुका है।

यह भी पढ़ें :  ज्योतिर्मठ में भू-धंसाव का खतरा बरकरार, मानसून में बढ़ सकती है जमीन खिसकने की रफ्तार

गिरावट के प्रमुख कारण

  • अमेरिकी डॉलर में वैश्विक मजबूती और एशियाई मुद्राओं में कमजोरी।
  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों को तटस्थ रखने के फैसले से डॉलर इंडेक्स में मजबूती।
  • भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की जोखिम से बचने की प्रवृत्ति।
  • कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी – इस सप्ताह 4% से अधिक की बढ़ोतरी, ब्रेंट क्रूड 69.30 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। अमेरिका द्वारा ईरान को लेकर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी से आपूर्ति बाधित होने की आशंका।
  • पूंजी निकासी और आयातकों की डॉलर मांग में वृद्धि।

सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित पाबरी ने कहा, “लगातार पूंजी निकासी से डॉलर की मांग बनी हुई है, जिससे रुपया दबाव में है। भारत एक बड़ा तेल आयातक होने से कच्चे तेल की तेजी के प्रति अधिक संवेदनशील है।”

यह भी पढ़ें :  सनसनीखेज वारदात : STF आरक्षक के घर हमला, पत्नी-बेटे की मौत, दो बच्चियां गंभीर

डॉलर इंडेक्स और वैश्विक बाजार

छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर इंडेक्स 0.29% गिरकर 96.16 पर कारोबार कर रहा था।

विशेषज्ञों की राय

फॉरेक्स विशेषज्ञों का मानना है कि NDF बाजार में USD/INR का 92.00 स्तर महत्वपूर्ण है। यदि यह स्थायी रूप से टूटता है, तो रुपया 92.20-92.50 तक कमजोर हो सकता है। हालांकि, आरबीआई के संभावित हस्तक्षेप और डॉलर में नरमी से गिरावट सीमित हो सकती है, जिससे रुपया 91.00-91.20 के स्तर की ओर लौट सकता है।

घरेलू शेयर बाजार पर असर

घरेलू बाजार में भी कमजोरी दिखी। बीएसई सेंसेक्स 343.67 अंक गिरकर 82,001.01 पर और निफ्टी 94.2 अंक टूटकर 25,248.55 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को 480.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जो सकारात्मक संकेत है।

यह भी पढ़ें :  जंतर-मंतर पर अंकिता भंडारी केस में न्याय और VIP आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, जोरदार प्रदर्शन

आर्थिक मोर्चे पर सकारात्मक खबर

दिसंबर 2025 में भारत के औद्योगिक उत्पादन (IIP) में 7.8% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई – यह दो वर्षों से अधिक का उच्चतम स्तर है। विनिर्माण (8.1%), खनन (6.8%) और बिजली (6.3%) क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन से यह वृद्धि हुई। एक साल पहले दिसंबर 2024 में वृद्धि दर मात्र 3.7% थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *