मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में वीकेंड और छुट्टियों पर ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए अब बड़ी राहत की खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देहरादून से मसूरी के बीच 42 किलोमीटर लंबे नए राष्ट्रीय राजमार्ग के एलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3500 करोड़ रुपये है।

इस नए हाईवे की सबसे खास बात दो बड़ी सुरंगें होंगी:

  • जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र के नीचे 2.9 किमी लंबी सुरंग. 
  • मसूरी की पहाड़ियों में करीब 2 किमी लंबी दूसरी सुरंग. 

इन सुरंगों के बनने से सड़क पहाड़ के आर-पार निकलेगी, जिससे तीखे मोड़, खड़ी चढ़ाई और बार-बार भूस्खलन वाले इलाके काफी हद तक बायपास हो जाएंगे। इससे सफर न सिर्फ तेज और सुरक्षित होगा, बल्कि जाम की समस्या भी काफी कम हो जाएगी।

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वर्तमान स्थिति और समस्या वर्तमान में देहरादून से मसूरी जाने का मुख्य मार्ग एक ही है, जिस पर वीकेंड, छुट्टियां और पर्यटन सीजन में हालात बेकाबू हो जाते हैं। दूसरा विकल्प किमाड़ी रोड है, जो हर मानसून में बारिश और भूस्खलन के कारण कई बार बंद हो जाता है। नतीजा – पर्यटक घंटों जाम में फंस जाते हैं, स्थानीय लोग दफ्तर, स्कूल, अस्पताल पहुंचने में परेशान होते हैं और आपात सेवाओं को भी रास्ता नहीं मिल पाता।

नए हाईवे का रूट और फायदे नया राजमार्ग झाझरा से शुरू होकर लाइब्रेरी चौक मसूरी तक जाएगा और चासकोट, दृखनिज नगर होते हुए एनएच-707ए (मसूरी-कैंपटीफॉल रोड) से जुड़ेगा। इससे शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव बंटेगा और मसूरी बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या काफी हद तक नियंत्रित हो जाएगी।

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पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मसूरी उत्तर भारत के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में शुमार है। दिल्ली-एनसीआर से हर वीकेंड हजारों वाहन यहां पहुंचते हैं। नए हाईवे और सुरंगों के बनने से सफर आसान होने के साथ पर्यटन सीजन में होने वाली अव्यवस्था पर भी लगाम लगेगी।

पर्यावरण और भूगर्भीय जांच पर जोर एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि निर्माण से पहले मिट्टी, चट्टानों की स्थिरता और भूस्खलन की संभावना की पूरी जांच की जाएगी। इसके लिए वाडिया हिमालयी भू-विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों को एलाइनमेंट के अनुसार विस्तृत भौगोलिक सर्वे का जिम्मा सौंपा गया है।

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एनएचएआई परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने बताया, “देहरादून-मसूरी नए राष्ट्रीय राजमार्ग के एलाइनमेंट को स्वीकृति मिल चुकी है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद निर्माण की अगली प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी।” यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो यह नया हाईवे मसूरी के ट्रैफिक इतिहास में सबसे बड़ा बदलाव साबित होगा। सुरंगों के जरिए सफर न सिर्फ तेज होगा, बल्कि पहाड़ों पर ट्रैफिक का बोझ भी काफी कम होगा। जिस मसूरी को लोग जाम की वजह से परेशान थे, इस परियोजना से वहां आने-जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।

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