गोपेश्वर (चमोली)। पोखरी ब्लाॅक के डुंगर के ग्रामीणों ने सिस्टम को आईना दिखाते हुए अपने संसाधनों से सड़क काट कर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी है। वाहनों के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने खूब जश्न मनाया। दरअसल डुंगर के ग्रामीण लंबे समय से सरकार से सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। इसके बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। सिस्टम से थक हार चुके ग्रामीणों ने स्वयं के संसाधनों से सड़क निर्माण का बीड़ा उठाया। इसके चलते ग्रामीणों ने पैंसा इकठ्ठा कर श्रमदान के जरिए दिन-रात एक कर जौरासी-तोणजी मोटर मार्ग के अतरी से एक किमी सड़क काट कर गांव तक सड़क पहुंचा दी। सड़क काट कर ग्रामीण मैक्स, इको सवारी आदि वाहनों के माध्यम से गांव तक पहुंचे। गांव में सवारी वाहनों से पहुंचने पर पूजा अर्चना कर मिष्ठान वितरण किया गया। महिलाओं, पुरूषों और बच्चों ने मिष्ठान वितरण कर खूब जश्न मनाया।

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पूर्व प्रधान बलवीर परमार व सुनील परमार समेत तमाम ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। स्कूली बच्चों को पढ़ाई के लिए पैदल ही काफी दूर जाना पड़ रहा था। यहां तक रोजमर्रा के कामों के लिए बाजार और तहसील मुख्यालय पोखरी पहुंचने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही थी। जरूरी सामानों को पीठ पर लाद कर करीब एक किमी की खड़ी चढ़ाई अलग से नापनी पड़ रही थी। खास कर गर्भवती महिलाओं को चारपाई से अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा था। अब जबकि सड़क कट गई है तो ग्रामीणों की वाहनों से आवाजाही का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उन्होंने सरकार की उपेक्षा पर रोष जताया और कहा कि स्वयं के बल पर सड़क काट कर उन्होंने अपनी राह आसान कर ली है।

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इस दौरान किमोठा के प्रधान हरिकृष्ण किमोठी, राजेंद्र सिंह परमार, मुरली परमार, इंद्र सिंह परमार, मंयक नेगी, हरीश परमार, राजेंद्र परमार, राजेश्वरी देवी, उदय सिंह नेगी, रविंद्र, पुष्कर सिंह, भूपेंद्र सिंह, सुबोध, कृपाल सिंह बत्र्वाल, विवेक, भरत सिंह, शिशुपाल बत्र्वाल, मधू सुदन, विजया परमार, शांति देवी, वीरेंद्र सिंह नेगी, संतोषी देवी, आशा देवी, रूपा देवी, संगीता देवी, गुड्डी देवी, दुर्गा देवी, विछना देवी, माधूरी देवी, मंजू देवी, दीपा देवी आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

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