ज्योतिर्मठ। देवभूमि के प्रसिद्ध ‘कुआरी पास ट्रेक’ पर इन दिनों प्रकृति का एक अद्भुत और जादुई संसार देखने को मिल रहा है। हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच बसे इस रास्ते पर न केवल बर्फीले पहाड़ लुभा रहे हैं, बल्कि दुर्लभ हिमालयी पक्षियों की चहचहाहट ने पूरे माहौल को किसी स्वप्नलोक में बदल दिया है। यहाँ की जैव-विविधता विशेष रूप से पक्षी प्रेमियों (Bird Watchers) के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जहाँ प्रकृति के अनमोल रंगों को बेहद करीब से निहारा जा सकता है।

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इस रोमांचक सफर की सबसे बड़ी विशेषता उत्तराखंड का राज्य पक्षी ‘हिमालयन मोनाल’ है। अपने सतरंगी पंखों और राजसी सुंदरता के लिए विख्यात यह पक्षी ट्रेकर्स को बार-बार अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। इसके साथ ही, आकाश की अनंत ऊंचाइयों में राजसी उड़ान भरते हिमालयन वल्चर (गिद्ध) और अपनी नीली आभा बिखेरते नीलकंठ (Indian Roller) का दृश्य किसी जादुई कैनवास जैसा प्रतीत होता है। रास्तों में चहकती गौरैया और पहाड़ों की शांति के बीच पक्षियों का मधुर कलरव पर्यटकों को एक अलग ही रूहानी सुकून का अहसास करा रहा है।

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पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि कुआरी पास केवल एडवेंचर के लिए ही नहीं, बल्कि दुर्लभ वन्यजीवों की फोटोग्राफी के लिए भी स्वर्ग है। यहाँ का हर मोड़ रंगों के एक नए संगम से रूबरू कराता है, जहाँ मोनाल और नीलकंठ की खूबसूरती कैमरे में कैद होने के लिए बेताब रहती है। पहाड़ों की गोद में फैला यह सतरंगी संसार उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका है जो भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर शांति और प्राकृतिक सुंदरता की तलाश में हैं। यदि आप भी इस जादुई अनुभव का साक्षी बनना चाहते हैं, तो यह समय कुआरी पास की यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त है।

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