शिमला। मुखयमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट में आम जनता, खासकर गरीब और ग्रामीण वर्ग को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। सबसे बड़ी घोषणा के तहत एक लाख गरीब परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना शुरू करने का ऐलान किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि “मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना” के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एक लाख परिवारों का चयन किया जाएगा। इन परिवारों को न सिर्फ मुफ्त बिजली मिलेगी, बल्कि महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। इसके साथ ही जिन परिवारों के पास पक्के मकान नहीं हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से आवास सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

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बजट में शिक्षा क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए 9,660 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सभी स्नातक (यूजी) कोर्स अब सेमेस्टर प्रणाली के तहत संचालित होंगे। वहीं, जिन कॉलेजों में छात्रों की संख्या 75 से कम है, उनके विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय के कॉलेज में पढ़ाई के लिए हर महीने 5,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।

रोजगार और युवाओं के लिए भी कई घोषणाएं की गईं। पंचायत सचिवों के 150 पद भरे जाएंगे, जबकि 500 युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

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पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में स्नो टूरिज्म, नाइट पिकनिक और होम-स्टे जैसी योजनाएं शुरू की जाएंगी। 40 गांवों को स्नो टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि महिलाओं के लिए ‘शी ट्रैवल पोर्टल’ लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा कांगड़ा एयरपोर्ट के पास एरोसिटी विकसित करने और जिला मुख्यालयों को हेलीपोर्ट से जोड़ने की योजना भी बनाई गई है।

कृषि और पशुपालन क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए गए हैं। प्राकृतिक गेहूं, मक्की, जौ और हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की गई है। पहली बार अदरक की खरीद पर भी MSP लागू किया गया है। साथ ही दूध के दाम में वृद्धि करते हुए गाय के दूध का मूल्य 61 रुपये और भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में किसान आयोग का गठन किया जाएगा और पारंपरिक बीजों को बढ़ावा देने के लिए “बीज गांव” स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 2030 तक राज्य के हरित क्षेत्र को बढ़ाने और 4,000 हेक्टेयर में पौधारोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों पर हंगामा भी किया। भाजपा विधायकों ने एंट्री टैक्स और अन्य मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित रही।

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