पौड़ी : आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी। बैठक में पुनरीक्षण से जुड़ी सभी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए सभी नोडल अधिकारियों को समन्वय से कार्य करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन राजनीतिक दलों द्वारा अभी तक बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए-2) की नियुक्ति नहीं की गयी है, वे इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करें, ताकि पुनरीक्षण की प्रक्रिया में समन्वय एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएलए-2 की सक्रिय भागीदारी से मतदाता सूची के अद्यतन कार्य में सटीकता आएगी। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) एवं बीएलए-2 का प्रशिक्षण एक साथ कराएं तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम को समयबद्ध, व्यवस्थित एवं एकरूपता के साथ संपन्न कराना सुनिश्चित करें, ताकि सभी कार्मिक अपने दायित्वों का निर्वहन कुशलतापूर्वक कर सकें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी तैयारियां इस प्रकार सुनिश्चित की जाएं कि पुनरीक्षण की तिथि घोषित होते ही योजना का तत्काल और प्रभावी क्रियान्वयन प्रारंभ किया जा सके।

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मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र एवं जिला स्तर पर सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं, जहां मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया जा सके। इन सहायता केंद्रों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे अधिक से अधिक नागरिक इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मतदाता ऑनलाइन माध्यम से भी अपना नाम खोज सकेंगे। इस सुविधा के बारे में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को सरलता से समझने हेतु फ्लोचार्ट बनाकर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे भी आमजन को जागरुक कर सकें। उन्होंने निर्देशित किया कि पुनरीक्षण का कार्य हेतु पोस्टर, बैनर एवं अन्य प्रचार सामग्री के माध्यम से व्यापक स्तर पर जागरुकता अभियान चलाया जाए।

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बैठक में सहायक निर्वाचन अधिकारी शांति लाल शाह द्वारा यह जानकारी दी गयी कि वर्ष 2003 एवं 2025 की मतदाता सूचियां संबंधित बूथ स्तरीय अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गयी हैं, जिससे सूची के मिलान एवं सत्यापन का कार्य अधिक सुगमता एवं सटीकता के साथ किया जा सके। जिलाधिकारी ने सभी नोडल अधिकारियों को उनके दायित्वों के प्रति गंभीरता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि पुनरीक्षण कार्य पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जिम्मेदारी के साथ संपन्न किया जाए। उन्होंने उपजिलाधिकारियों/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ऐसे सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) कार्मिकों की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजें, जिन्हें पूर्व में निर्वाचन कार्य का अनुभव हो, जिससे कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

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इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने अमानचित्रित मतदाताओं के चिन्हीकरण एवं उन्हें संबंधित मतदान केंद्रों से जोड़ने की कार्यवाही को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाय। बैठक में राजनीतिक दलों के सदस्यों ने अपने सुझाव भी दिए। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण आरईएस विनोद जोशी, ईओ नगर पालिका संजय कुमार व राजनीतिक दलों से विनोद नेगी, भरत रावत, अनुज कुमार, राजेंद्र रावत, सहित अन्य अधिकारी एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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