देहरादून : देहरादून के दून यूनिवर्सिटी रोड क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर रेत और बजरी का भंडारण किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विक्रेता जिस स्थान पर आरबीएम का भंडारण कर रहे हैं, उस स्थान के लिए उनके पास आवश्यक अनुमति तक नहीं है।

देहरादून के दून यूनिवर्सिटी रोड पर रेत और बजरी का बड़े पैमाने पर भंडारण किया गया है। यह इलाका मुख्य रूप से रिहायशी होने के बावजूद यहां खुलेआम आरबीएम (रेत-बजरी) रखा जा रहा है। नियमानुसार ऐसे भंडारण के लिए नगर निगम और खनन विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां कारोबार करने वाले अधिकांश विक्रेताओं के पास वैध अनुमति नहीं बताई जा रही है।

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जानकारों के अनुसार यदि किसी विक्रेता के पास रेत-बजरी की बिक्री की अनुमति भी हो, तब भी जिस स्थान पर सामग्री का भंडारण किया जाता है, उस जगह के लिए अलग से अनुमति लेना जरूरी होता है। आरोप है कि दून यूनिवर्सिटी रोड पर कई स्थानों पर बिना ऐसी अनुमति के ही भंडारण किया जा रहा है।

इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि रिहायशी इलाके में इस तरह का भंडारण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे यातायात और पर्यावरण पर भी असर पड़ता है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि नगर निगम और खनन विभाग को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि नियमों का पालन हो सके और शहर में व्यवस्था बनी रहे।
यदि समय रहते इस पर सख्ती नहीं की गई तो शहर के अन्य रिहायशी क्षेत्रों में भी इस तरह के अवैध भंडारण की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि संबंधित विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अवैध कारोबार पर अंकुश लगाएं और शहर में व्यवस्था को बहाल करें।

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