देहरादून : देहरादून सिटीज़न्स फोरम, जो शहर के 500 से अधिक जागरूक नागरिकों का एक सक्रिय समूह है, ने आज एक बार फिर कचरा मुक्त और कचरा जलाने से मुक्त देहरादून की अपनी मांग को मजबूती से दोहराया। इसी के साथ फोरम ने एक नागरिक-केंद्रित मोबाइल एप्लिकेशन ‘सफाई मित्र’ लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था में जवाबदेही और तत्परता को बेहतर बनाना है।

देहरादून सिटीज़न्स फोरम शहर के विभिन्न वर्गों – पेशेवरों, उद्यमियों, शिक्षकों, पर्यावरणविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सेवानिवृत्त व्यक्तियों, व्यापारियों और युवाओं – का प्रतिनिधित्व करता है। देहरादून के भविष्य को लेकर साझा चिंता से जुड़े इस फोरम ने हमेशा शहर के नागरिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। इसका उद्देश्य नागरिकों और सरकार के बीच एक “सेतु” के रूप में कार्य करना है, ताकि संवाद बढ़े, कमियों को उजागर किया जा सके और अधिक सहभागी व टिकाऊ शहरी शासन को बढ़ावा मिले।
हालांकि, आज की प्रेस वार्ता का माहौल चिंता और असंतोष से भरा रहा। फोरम के सदस्यों ने देहरादून नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत के बीच लगातार बने अंतर पर कड़ी नाराज़गी जताई। पिछले एक वर्ष में कई आश्वासनों के बावजूद शहर के कई हिस्सों में कचरा उठान की कमी, अनियोजित डंपिंग साइट्स और खुले में कचरा जलाने की घटनाएं जारी हैं।

यह भी पढ़ें :  एनक्यूएएस प्रमाणन से दून जिला चिकित्सालय ने रचा इतिहास, 90.75 प्रतिशत अंकों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान, मरीजों को मिलेगी बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं

मीडिया को संबोधित करते हुए फोरम के प्रतिनिधियों ने कहा कि मेयर संवाद जैसे मंचों और दून लाइब्रेरी में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठकों के बावजूद ज़मीनी स्तर पर ठोस परिणाम नजर नहीं आ रहे हैं। “संवाद तो हुआ है, लेकिन निर्णायक कार्रवाई नहीं,” यह भावना कई वक्ताओं ने दोहराई।

जगमोहन मेंदीरत्ता ने फोरम और उसके सदस्यों का परिचय देते हुए बताया कि यह समूह आज करीब 500 सक्रिय नागरिकों का मजबूत नेटवर्क बन चुका है, जिसमें पूर्व सैनिक, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट और विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी पेशेवर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह फोरम एक लोकतांत्रिक और सामुदायिक पहल है, जहां बिना किसी कठोर ढांचे के सभी सदस्य मिलकर काम करते हैं।

रेतु चटर्जी ने फोरम की यात्रा और पिछले एक वर्ष में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा किए गए वादों के बावजूद नागरिकों को अभी तक ज़मीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिले हैं। रामना कुमार और नितिन शाह ने नगर निगम के साथ हुए संवाद और पत्राचार का विवरण देते हुए कहा कि संचार के बावजूद कार्यान्वयन और फॉलो-अप में गंभीर कमी बनी हुई है, जिससे जनता में निराशा बढ़ रही है।

यह भी पढ़ें :  तिरंगे का सम्मान : CM उमर अब्दुल्ला ने तिरंगे रंग की रिबन काटने से किया इनकार

इसी संदर्भ में, देहरादून सिटीज़न्स फोरम ने एक रचनात्मक कदम उठाते हुए Convergent Defence Foundation (CDF) के सहयोग से ‘सफाई मित्र’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया। इस अवसर पर मेजर रितेश उनियाल और प्रशांत उनियाल उपस्थित रहे, जिन्होंने बताया कि यह ऐप नागरिकों को कचरा संबंधित समस्याओं – जैसे कचरा जमा होना, समय पर उठान न होना या कचरा जलाना – की शिकायत सीधे दर्ज करने की सुविधा देता है। ये शिकायतें संबंधित विभागों तक स्वतः पहुंच जाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक फीडबैक के आधार पर आने वाले समय में ऐप के फीचर्स को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

इस पहल के बारे में बताते हुए अनुप नौटियाल ने कहा कि ‘सफाई मित्र’ मौजूदा व्यवस्थाओं का विकल्प नहीं है, बल्कि नागरिक भागीदारी को बढ़ाकर अंतिम स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक माध्यम है। उन्होंने पिछले एक वर्ष के समाचारों का हवाला देते हुए नगर निगम के वादों को “बदलते लक्ष्य और अधूरे वादे” बताया।

यह भी पढ़ें :  पौड़ी गढ़वाल : नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, 4 होटल संचालकों पर जुर्माना

फोरम ने आशा जताई कि नगर निगम और महापौर कार्यालय इस पहल को सकारात्मक रूप से लेंगे और इसे जनता का विश्वास फिर से जीतने के अवसर के रूप में देखेंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि नागरिक प्रयास सरकारी जिम्मेदारियों का विकल्प नहीं हो सकते और संस्थागत जवाबदेही व निरंतर प्रशासनिक कार्रवाई अनिवार्य है।

कार्यक्रम के अंत में भारती जैन ने मीडिया और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई देखने को मिलेगी।

देहरादून सिटीज़न्स फोरम ने दोहराया कि एक स्वच्छ, टिकाऊ और रहने योग्य शहर बनाने के लिए नागरिकों की भागीदारी के साथ-साथ प्रशासन की जिम्मेदारी भी उतनी ही आवश्यक है। अब समय केवल इरादों का नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर ठोस और मापनीय कार्यों का है। इस अवसर पर फोरम के सदस्य शंकर दत्त उनियाल, रिंकू सिंह, देवेंद्र कंडपाल, शिशिर प्रशांत, डॉ. सुमीत अरोड़ा, अभिषेक भट्ट, प्रवीण उप्रेती सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *