देहरादून : भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं सांसद राज्यसभा डॉ. नरेश बंसल कहा कि लोकसभा में जो हुआ,वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं और नारी सम्मान की भावना के प्रतिकूल है। डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृव मे केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने हेतु लाया गया संविधान संशोधन विधेयक, जो नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध हो सकता था, उसे विपक्षी दलों द्वारा समर्थन न दिया जाना अत्यंत खेदजनक है।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी की आकांक्षाओं, अधिकारों और प्रतिनिधित्व के अवसरों की उपेक्षा का संकेत है। डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि आदरणीय प्रधानसेवक नरेन्द्र मोदी जी की सरकार की सोच है कि महिलाओं की सशक्त भागीदारी से ही लोकतंत्र अधिक समावेशी और प्रभावी बनता है, ऐसे में इस प्रकार का रुख निश्चय ही चिंताजनक है।

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डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रही है और इस दिशा मे ठोस कदम उठाए गए है। डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि विपक्ष द्वारा इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध न केवल उनकी नारी विरोधी सोच को परिलक्षित करता है अपितु राष्ट्रहित के कार्यों में बाधा उत्पन्न करने की पुरानी नीयत और नीति को भी उजागर करता है, भारत की मातृशक्ति विपक्ष के इस जघन्य अपराध को कभी माफ नहीं करेगी।

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