देहरादून: लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने वाले संविधान संशोधन विधेयक के पारित न होने के बाद उत्तराखंड में इस मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है। मंगलवार को राज्य विधानसभा में इसी विषय पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाया गया, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में कहा कि सरकार देश की महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि “आधी आबादी” को उनका पूरा हक जरूर मिलेगा, ताकि मातृशक्ति विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता से योगदान दे सके।

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वहीं, विपक्षी कांग्रेस ने सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बनाई। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2023 में पारित कानून को लागू करने में देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और आगामी विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।

सदन के भीतर बहस के साथ-साथ बाहर भी माहौल गरम रहा। विधानसभा कूच कर रही महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित कई कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए। सड़कों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी रहा।

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उधर, भाजपा ने इस मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की व्यापक रणनीति बनाई है। पार्टी विधानसभा सत्र के बाद नगर निगमों, जिला पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों की बैठकों में निंदा प्रस्ताव लाकर कांग्रेस पर दबाव बनाने की तैयारी में है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मातृशक्ति के अपमान को लेकर पार्टी चुप नहीं बैठेगी।

कुल मिलाकर, महिला आरक्षण के मुद्दे पर उत्तराखंड की राजनीति में टकराव तेज हो गया है और आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक गर्माने के संकेत दे रहा

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