गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के दशोली ब्लाॅक के ग्राम सभा सैकोट में सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने से सिंचाई की व्यवस्था चरमरा गई है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर समाधान की मांग की है।

गौरतलब है कि बीते वर्ष बरसात और दैवीय आपदा के दौरान नदी/गधेरे में आई बाढ़ से सिंचाई विभाग की ओर से निर्मित नहर का मुख्य भाग बह गया था। इससे नहर  में पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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सैकोटी की प्रधान मंजू रावत ने बताया कि विभाग की ओर से नहर के मुख्य हिस्से का निर्माण कराया गया था, लेकिन पानी का प्रवाह शुरू होते ही वह दोबारा बह गया। नहर के कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से सैकोट के साथ-साथ घुड़साल, देवर कंडेरी और सोनला गांवों की खेती प्रभावित हो रही है।

इस समय फसल कटाई अंतिम चरण में है और इसके बाद धान की बुआई के लिए पानी की अति आवश्यकता होती है। पानी के अभाव में किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा नहर का अधिकांश हिस्सा भी जगह-जगह से टूटा हुआ है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। बताया कि सैकोट के टैटुणा तोक स्थित डुडीगधेरा क्षेत्र में भी नहर पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, इसका निर्माण जरूरी है। उन्होंने जिलाधिकारी से समस्या के समाधान की मांग की है।

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इस दौरान जिला पंचायत सदस्य विपिन फरस्वाण, विक्रम सिंह, नंदन सिंह आदि मौजूद रहे।

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