देहरादून: कुमाऊं समेत प्रदेशभर में इस बार अप्रैल माह ने मौसम के कई रंग दिखाए। जहां एक ओर तापमान ने बीते दशक के रिकॉर्ड तोड़ते हुए गर्मी का अहसास कराया, वहीं दूसरी ओर सामान्य से अधिक वर्षा भी दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार, इस बार अप्रैल में कुमाऊं क्षेत्र में तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक है। इससे मई और जून में भीषण गर्मी के संकेत मिल रहे हैं। इससे पहले तराई क्षेत्र में अप्रैल का सर्वाधिक तापमान वर्ष 2009 में 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

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हालांकि, गर्मी के साथ-साथ इस बार अप्रैल में वर्षा भी सामान्य से अधिक रही। प्रदेश में औसतन 39.3 मिमी वर्षा होती है, जबकि इस बार 46.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 18 प्रतिशत अधिक है। चंपावत, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, अल्मोड़ा और नैनीताल समेत अधिकांश जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

गुरुवार को काशीपुर और पंतनगर में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हुई। सुबह 8:30 बजे तक काशीपुर में 2.5 मिमी और पंतनगर में 3.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। दिन में धूप निकलने के बाद शाम को एक बार फिर मौसम बदला और हल्की बारिश हुई।

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मौसम विज्ञानियों का कहना है कि हालिया पश्चिमी विक्षोभ और 2 मई को आने वाले नए सिस्टम के प्रभाव से मई के पहले सप्ताह में भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले तीन दिनों तक तराई क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में वृद्धि दर्ज की जाएगी, जबकि 3 मई से एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है और बादल छाने के आसार हैं।

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