टिहरी : जौनपुर ब्लॉक के देवन गांव की पूजा कंडारी की सफलता कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। सरकारी योजना, प्रशिक्षण और मेहनत के दम पर उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी कायम की है।

जौनपुर ब्लॉक के देवन गांव की निवासी पूजा कंडारी पहले एक सामान्य गृहिणी थीं, जिनकी आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था। ऐसे में पशुपालन विभाग की ‘गोट वैली योजना’ उनके जीवन में बदलाव का जरिया बनी। वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत उन्हें 1 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण तीन वर्ष के लिए स्वीकृत हुआ, साथ ही 39 हजार रुपये की सब्सिडी भी प्रदान की गई। योजना के अंतर्गत उन्हें 5 बकरियां और 1 बकरा उपलब्ध कराया गया। ऋण की सहायता से उन्होंने कुल 15 बकरियों के साथ अपने पशुपालन कार्य को आरंभ किया। शुरुआत में अनुभव सीमित था, लेकिन विभागीय प्रशिक्षण और निरंतर मेहनत ने उनकी दिशा बदल दी।

यह भी पढ़ें :  सीएम धामी से मिला आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रतिनिधि मंडल, आश्वासन पर हड़ताल स्थगित

पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनमोल नौटियाल , पशु चिकित्सालय, पंतवाड़ी, के अनुसार, विभाग द्वारा बकरियां उपलब्ध कराने के साथ-साथ नियमित टीकाकरण, दवाएं और वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया गया। इसी का परिणाम है कि आज पूजा कंडारी के पशुधन की संख्या बढ़कर लगभग 30 से 40 तक पहुंच चुकी है और मृत्यु दर लगभग शून्य के बराबर है। आज वे सालाना लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और वे पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। डॉ. नौटियाल ने अन्य पशुपालकों को भी संदेश दिया कि पशुपालन केवल पशु पालने तक सीमित नहीं है। यदि इसे वैज्ञानिक पद्धति और तकनीकी सहयोग के साथ किया जाए, तो यह स्थायी आय का सशक्त माध्यम बन सकता है।

यह भी पढ़ें :  घंटाघर में श्रमिक सम्मान कार्यक्रम, महिला श्रमिकों को सूट और पुरुषों को गमछा भेंट

पूजा कंडारी आज अपने गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि जब योजनाएं सही लाभार्थी तक पहुंचती हैं और निरंतर तकनीकी सहयोग मिलता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वरोजगार की मजबूत नींव रखी जा सकती है। पशुपालन विभाग भविष्य में भी अन्य लाभार्थियों को दवाएं, टीकाकरण और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए। “गोट वैली जैसी योजनाएं इसी दिशा में एक प्रभावी पहल हैं, जो न केवल आय के नए अवसर प्रदान कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य को भी मजबूती दे रही हैं। पूजा कंडारी जैसी महिलाएं यह साबित कर रही हैं कि यदि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध हों, तो ग्रामीण महिलाएं भी सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए और उन्हें तकनीकी सहायता निरंतर मिलती रहे।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *