गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने पीएमजीएसवाई के अंतर्गत पोखरी डिवीजन में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों और सेतुओं की समीक्षा करते हुए मोटर मार्गों की प्रगति और पुनस्र्थापन कार्यों की स्थिति पर चर्चा करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

डीएम ने कहा कि दूरस्थ गांवों की आवाजाही सुचारू रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने पीएमजीएसवाई के तहत स्वीकृत सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर देते हुए डीएलपी (डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड) के अंतर्गत आने वाली सड़कों की मरम्मत संबंधित ठेकेदारों से तत्काल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निजमुल्ला-गौणादृपाणा-ईराणी, टंगड़ी तल्ली से टंगड़ी मल्ली, हेलंग-उर्गम, हेलंग-डुमक, सलूड-डूंगरा मोटर मार्ग समेत अन्य स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने को कहा गया।

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डीएम ने सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किए जाएं। क्षतिग्रस्त मार्गों पर चल रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने वन विभाग से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया, ताकि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। कहा कि बेहतर सड़क संपर्क न केवल ग्रामीणों की दैनिक जरूरतों को आसान बनाता है, बल्कि आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और विकास कार्यों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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इस दौरान चमोली के एसडीएम आरके पांडेय, पीएमजीएसवाई के एई प्रमोद गंगाड़ी, ईई मनमोहन बिजलवाण, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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