भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर को देश के सैन्य इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। पहलगाम आतंकी हमले के एक साल पूरे होने पर जयपुर में सेना, वायुसेना और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर इस ऑपरेशन की सफलता और उससे मिले सबकों पर विस्तार से जानकारी दी।

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश भारती और वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद और उसके समर्थन तंत्र के खिलाफ भारत की मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक है। अधिकारियों के अनुसार इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें कई आतंकी ढांचे नष्ट किए गए और रणनीतिक ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा।

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लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को केवल एक सैन्य कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह भारत की रणनीतिक सोच में बदलाव का संकेत है। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में थल, वायु और नौसेना के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला और स्वदेशी रक्षा उपकरणों ने अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि सरकार के स्पष्ट निर्देश थे कि आतंकवादी नेटवर्क को कमजोर करना और भविष्य के हमलों को रोकना प्राथमिक उद्देश्य है। एयर मार्शल अवधेश भारती ने कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन यदि इसे कमजोरी समझा जाए तो सख्त जवाब देना आवश्यक हो जाता है।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस अवसर पर सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक नया मानक स्थापित किया है और यह भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का प्रमाण है।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर किसी अंत का नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की निरंतर और निर्णायक लड़ाई के एक नए चरण की शुरुआत है।

 
 

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