नई दिल्ली/चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में फ्लोर टेस्ट से पहले बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी AIADMK में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी दो खेमों में बंटती नजर आ रही है और एक गुट ने अभिनेता-राजनेता Vijay की पार्टी TVK को समर्थन देने का एलान कर दिया है।

विधायक सीवी शणमुगम के नेतृत्व वाले गुट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पार्टी के कई नेता और विधायक DMK के समर्थन से सरकार गठन के पक्ष में नहीं थे। उनका कहना है कि AIADMK की स्थापना ही DMK के विरोध के लिए हुई थी, इसलिए डीएमके के साथ किसी भी तरह का राजनीतिक समझौता पार्टी की मूल विचारधारा के खिलाफ है।

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शणमुगम ने घोषणा की कि पूर्व मंत्री एस.पी. वेलुमणि विधानसभा में AIADMK विधायक दल के नेता होंगे, जबकि सी. विजयभास्कर को पार्टी का व्हिप नियुक्त किया गया है। इस संबंध में प्रोटेम स्पीकर को भी पत्र सौंपे जाने का दावा किया गया है।

उन्होंने कहा कि DMK के साथ गठबंधन से पार्टी की राजनीतिक पहचान कमजोर हो सकती है। इसी वजह से उनके गुट ने TVK को समर्थन देने का फैसला लिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य में AIADMK अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम करेगी और संगठन को फिर से मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से ही पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आ रही थीं। लगातार चुनावी हार के बाद नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शणमुगम ने स्वीकार किया कि पार्टी को लगातार पराजय का सामना करना पड़ा है और अब सभी नेताओं को मिलकर हार के कारणों की समीक्षा करनी होगी।

फ्लोर टेस्ट से पहले सामने आई इस टूट ने तमिलनाडु की राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सत्ता गठन की प्रक्रिया में यह बगावत कितना असर डालती है।

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