रुड़की : उत्तराखण्ड के हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवती को कथित तौर पर पाकिस्तान के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पिरान कलियर थाना क्षेत्र के आसफनगर गांव में की गई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के लखनपुर क्षेत्र से कुछ दिन पहले एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि वह पाकिस्तान के माध्यम से करोड़ों रुपये के अवैध ट्रांजेक्शन करता था। पूछताछ के दौरान आरोपी युवक ने रुड़की के आसफनगर गांव निवासी एक युवती का नाम बताया, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस टीम तुरंत हरिद्वार पहुंची।

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स्थानीय पुलिस के सहयोग से आसफनगर गांव में छापेमारी की गई। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम को युवती की पहचान सुनिश्चित करने में करीब दो से ढाई घंटे का समय लगा। इसके बाद युवती को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड हासिल किया और युवती को अपने साथ ले गई।

हालांकि छापेमारी के दौरान मौके से कोई नकदी बरामद नहीं हुई, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार मामला करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियां अब ट्रांजेक्शन के नेटवर्क और अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।

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एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि युवती का बैंक खाता कथित तौर पर “म्यूल अकाउंट” के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। उनके अनुसार युवती के खाते से बड़ी मात्रा में ट्रांजेक्शन किए गए हैं। चूंकि मामला जम्मू-कश्मीर में दर्ज है, इसलिए स्थानीय पुलिस ने सीमित सहयोग किया और गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

 

क्या होता है म्यूल अकाउंट?

म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी अवैध लेन-देन, ऑनलाइन ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए करते हैं। यह खाता किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर होता है, लेकिन उसका संचालन कोई और करता है। अपराधी ऐसे खातों के जरिए ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह भेजते हैं ताकि असली स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाए।

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साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, कई बार लोग लालच या अनजाने में अपने बैंक खाते दूसरों को इस्तेमाल करने देते हैं, जो बाद में बड़े साइबर अपराधों का हिस्सा बन जाते हैं। पुलिस लगातार लोगों से सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम या ओटीपी साझा न करने की अपील कर रही है।

फिलहाल जम्मू-कश्मीर पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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