नंदानगर/चमोली : जनपद चमोली के विकासखंड नंदानगर के दूरस्थ गांव लुणतरा की होनहार बेटी तनीषा बिष्ट ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) में स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। तनीषा, उमा देवी बिष्ट की पुत्री हैं और उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल है।

तनीषा ने देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक जेईई एडवांस्ड को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर आईआईटी में प्रवेश सुनिश्चित किया है। इससे पहले उन्होंने इसी वर्ष 12वीं की परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का परिचय दिया था।

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स्थानीय युवा सुरजीत बिष्ट ने बताया कि लुणतरा गांव शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है। गांव से हर वर्ष कई युवा सेना, शिक्षा विभाग और अन्य क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर क्षेत्र का गौरव बढ़ा रहे हैं। ऐसे में तनीषा की सफलता गांव के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि जेईई एडवांस्ड जैसी चुनौतीपूर्ण परीक्षा को उत्तीर्ण करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। तनीषा ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का सम्मान बढ़ाया है। उनकी सफलता गांव की बेटियों के लिए भी नई प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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तनीषा को बधाई देने वालों का कहना है कि उनकी यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के युवाओं और विशेष रूप से बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। वहीं तनीषा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता, जो स्वयं एक शिक्षिका हैं, तथा अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन और सहयोग को दिया है।

तनीषा का सपना तकनीक के क्षेत्र में ऐसा कार्य करने का है जिससे पहाड़ के लोगों के जीवन को बेहतर बनाया जा सके। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान खोजा जा सकता है और विकास की नई संभावनाएं पैदा की जा सकती हैं।

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तनीषा बिष्ट की यह सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड की बेटियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है, जो यह साबित करती है कि प्रतिभा और मेहनत के बल पर किसी भी ऊंचाई को छुआ जा सकता है।

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