गोपेश्वर (चमोली)। ज्योतिर्मठ में बदरीनाथ मास्टर प्लान के फेज-3 कार्यों में भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए योजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा किया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारी अभी से तैयारियों में जुटेंगे।

बदरीनाथ धाम में संचालित मास्टर प्लान के कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम गौरव कुमार ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया है। इस दौरान यातायात व्यवस्था, पैदल आवाजाही, पथ प्रकाश, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का विकास, नदी तटों की सुरक्षा, पार्किंग, सीवर निस्तारण तथा यात्री सुविधाओं से जुडे कार्यों की गहन समीक्षा की गई। लोनिवि के पीआइयू डिविजन के अधिकारियों ने  बताया कि बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित सभी कार्यों को जल्द पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तीर्थयात्रियों की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए धाम को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए कार्यों को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

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डीएम ने कार्यदायी संस्था को मास्टर प्लान के फेज-3 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की प्लानिंग एवं अध्ययन कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

बैठक में बताया गया कि फेज-1 के अंतर्गत वन-वे लूप रोड, बीआरओ बाईपास रोड, सिविक एमेनिटी बिल्डिंग, शेषनेत्र लेक, बद्रीश लेक, आईएसबीटी भवन, टूरिस्ट मैनेजमेंट सेंटर भवन तथा अराइवल प्लाजा सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। डीएम ने अस्पताल विस्तार भवन का कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को आवश्यक उपकरणों की स्थापना की तैयारी करने को कहा। उन्होंने अलकनंदा नदी तटों पर सुरक्षा एवं सौंदर्यीकरण के लिए किए जा रहे रिवरफ्रंट विकास कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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बैठक में बताया गया कि फेज-2 के अंतर्गत प्रशासनिक भवन, इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर भवन, रिवरफ्रंट, पैदल सेतु तथा तीर्थ पुरोहित आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। डीएम ने पूर्ण हो चुके तीर्थ पुरोहित आवासों में विद्युत, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए शीघ्र आवंटन एवं शिफ्टिंग सुनिश्चित करने को कहा। उनका कहना था कि पिलग्रिम एकोमोडेशन ब्लॉक को भी प्राथमिकता के आधार पर हस्तांतरित किया जाना चाहिए।

इस दौरान ज्योतिर्मठ के एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ, सीएमओ डॉ अभिषेक गुप्ता, जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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