देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा की पुनर्परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 14 जून को आयोजित होने वाली पुनर्परीक्षा में सभी 1.54 लाख पंजीकृत अभ्यर्थियों को शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। इसमें वे अभ्यर्थी भी शामिल हैं जो प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से पिछली परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे।

आयोग की ओर से 416 पदों के लिए यह महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। युवाओं और अभ्यर्थियों की मांग को देखते हुए आयोग ने सभी पंजीकृत उम्मीदवारों को पुनर्परीक्षा में बैठने की अनुमति देने का निर्णय लिया है।

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परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेशभर के 445 परीक्षा केंद्रों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की नकल या अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

गौरतलब है कि पूर्व में आयोजित स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण के बाद निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद आयोग के सामने निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पुनर्परीक्षा आयोजित करने की बड़ी चुनौती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने आधुनिक तकनीक और कड़े सुरक्षा प्रबंधों के साथ परीक्षा संपन्न कराने की तैयारी की है।

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आयोग का दावा है कि 14 जून को होने वाली परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में आयोजित की जाएगी, ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल किया जा सके और भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से पूरा किया जा सके।

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