पौड़ी : प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनपद के सभी चिकित्सालयों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विशेष स्वास्थ्य शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विकासखंड कोट स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर जामलाखाल में भी गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष जांच शिविर आयोजित किया गया।

शिविरों में गर्भवती महिलाओं का वजन, हीमोग्लोबिन (एचबी), रक्तचाप (बीपी), मधुमेह सहित विभिन्न आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। साथ ही उन्हें जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, ईजा-बोई शगुन योजना, संस्थागत प्रसव, नवजात शिशु देखभाल, प्रसव पूर्व तैयारी तथा संतुलित पोषण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।

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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत 9 जून 2016 को गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं सुरक्षित मातृ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गयी थी। उन्होंने कहा कि बीते 10 वर्षों में इस अभियान के माध्यम से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान एवं उपचार, निःशुल्क अल्ट्रासाउंड सुविधाओं का विस्तार, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा तथा रेफरल सेवाओं को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने तथा सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने और वापस घर लाने के लिए 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवाएं भी निःशुल्क उपलब्ध करायी जा रही हैं।

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मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत मंगलवार को जनपदभर में कुल 492 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गयी। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं से नियमित प्रसव पूर्व जांच कराने और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

इस अवसर पर सीएचओ मेघा भट्ट, एएनएम प्रेमलता, शशि देवी, लता, आभा, मीनाक्षी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

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