कोटद्वार : राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा विकासखंड दुगड्डा के उच्च जोखिम क्षेत्र दुर्गापुर-सिम्बलचौड़ में विशेष जागरूकता एवं टीबी एक्स-रे स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को क्षय रोग (टीबी) के लक्षणों, बचाव, समय पर जांच तथा नियमित उपचार के महत्व के बारे में जानकारी दी गयी।

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आयोजित शिविर में कुल 73 लोगों की टीबी एक्स-रे जांच की गई। साथ ही संभावित रोगियों की पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया गया।

यह भी पढ़ें :  उत्तराखंड मौसम अलर्ट, अगले पांच दिन इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

सीएचओ प्रियंका ने बताया कि टीबी एक पूर्णतः उपचार योग्य बीमारी है और समय पर जांच तथा नियमित दवा सेवन से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों को निःशुल्क जांच, दवाएं, परामर्श एवं पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उपचार के दौरान मरीजों को बेहतर सहयोग मिल सके।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पारुल गोयल ने बताया कि 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनपद के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में लगातार स्क्रीनिंग, जागरूकता एवं एक्स-रे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिले के 762 लक्षित गांवों में से अब तक 478 गांवों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जा चुका है, जिससे टीबी की शीघ्र पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

यह भी पढ़ें :  देहरादून में मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज, 5.47 लाख मतदाताओं को नोटिस, 03 अगस्त से लगेंगे विशेष सुनवाई शिविर, 11 सितंबर तक आपत्तियों का निस्तारण

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ रोग की समय रहते पहचान कर जनपद को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।

शिविर में एसटीएस राकेश रावत, एक्स-रे टेक्नीशियन रमेश कुमार, आशा कार्यकर्ता आशा देवी, ललिता, तानिया सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभायी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *