श्रीनगर : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में सोमवार को श्रीनगर में विधिक जागरुकता एवं साक्षरता शिविरों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों तथा निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी प्रदान की गयी।

विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली बेस अस्पताल में आयोजित शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज नाजिश कलीम ने स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों को जागरुक करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सर्वोत्तम सेवा है, जिससे जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया।

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बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश रावत ने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। शिविर में प्रतिभागियों को निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, नालसा हेल्पलाइन 15100 तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गयी। साथ ही 21 से 23 अगस्त, 2026 तक उच्चतम न्यायालय में आयोजित होने वाले ‘समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026’ के संबंध में भी जागरूक किया गया।

इसी क्रम में अधिवक्ता संघ भवन, श्रीनगर में विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस तथा ‘आश्रय और अधिकार: निराश्रितों का विधिक अधिकार अभियान’ के अंतर्गत एक अन्य जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा तथा उनके लिए उपलब्ध विधिक संरक्षण संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नाजिश कलीम ने निराश्रित एवं जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता, पुनर्वास योजनाओं तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए पात्र व्यक्तियों से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एवं विधिक सेवा समिति श्रीनगर की अध्यक्ष अलका, श्रीनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेय जोशी, रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह नेगी सहित अधिवक्ता, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

 

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