पौड़ी : उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर जनपद पौड़ी गढ़वाल में गुरुवार को प्रकृति, पर्यावरण और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। जिला मुख्यालय से लेकर सभी विकासखंडों, तहसीलों, नगर निकायों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं विभिन्न सरकारी संस्थानों में व्यापक स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरे जनपद में उत्साहपूर्वक चलाए गए इस विशेष अभियान के अंतर्गत लगभग एक लाख पौधों का रोपण किया गया।

जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, नगरपालिका अध्यक्षा हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

अभियान के दौरान हिमालयी पारिस्थितिकी के लिए महत्वपूर्ण देवदार, बाँज, बुरांश, काफल तथा अंगू जैसी स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इन प्रजातियों का चयन पर्यावरणीय संतुलन, जल संरक्षण और जैव विविधता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया।

यह भी पढ़ें :  जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विभागीय कार्यों की समीक्षा कर दिए समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश, जनहित एवं नवाचार आधारित पहलों पर विशेष जोर

हरेला महाअभियान के तहत जनपद के सभी विकासखंडों, तहसीलों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, वन क्षेत्रों, अमृत सरोवरों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी पौधरोपण किया गया। अभियान में छात्र-छात्राओं, स्वयं सहायता समूहों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभायी। विभिन्न विभागों द्वारा पौधों की सुरक्षा और उनके संरक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गयी।

इस अवसर पर विधायक ने कहा कि हरेला हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ प्रकृति के प्रति उत्तराखंड की गहरी आस्था का प्रतीक है। आज पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक व्यक्ति लगाए गए पौधे की देखभाल को अपना नैतिक कर्तव्य समझे।

यह भी पढ़ें :  पौड़ी गढ़वाल : आंगनबाड़ी केंद्र सपलोड़ी में बच्चों की स्वास्थ्य जांच की, स्वच्छता एवं संतुलित आहार के प्रति किया जागरुक

जिलाधिकारी ने कहा कि हरेला पर्व हमें प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि पौधरोपण अभियान का उद्देश्य केवल पौधों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर वृक्ष बनने तक उनका संरक्षण करना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को पौधों की नियमित देखभाल और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाते हुए अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी जिम्मेदारी भी निभाएं।

डीएफओ गढ़वाल ने बताया कि जनपद के सभी विकासखंडों, तहसीलों और विभिन्न संस्थानों में पूरे उत्साह के साथ हरेला पर्व मनाया जा रहा है। इस वर्ष जनपद में लगभग एक लाख पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

यह भी पढ़ें :  कांवड़ मेला-2026 : हरिद्वार पुलिस ने जारी किया विस्तृत ट्रैफिक प्लान, यात्रा से पहले रूट देखकर ही निकलें श्रद्धालु

हरेला पर्व के अवसर पर जनपदभर में आयोजित कार्यक्रमों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को नयी मजबूती प्रदान की। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण के संरक्षण के लिए समाज का प्रत्येक वर्ग पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ आगे आ रहा है।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अनुज कुमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, डीएफओ सिविल सोयम पवन नेगी, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, डीडीओ रमेश चंद्र, रेडक्राॅस के जिला सचिव केसर सिंह असवाल सहित अन्य उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *