नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर रविवार को जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित “संसद चलो” मार्च से पहले राजधानी दिल्ली में आंदोलन ने जोर पकड़ लिया। संगठन के अनुसार जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे। इस बीच संसद भवन के समीप प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे जाने के आरोपों के बाद आंदोलन और गरमा गया।

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही जंतर-मंतर और उसके आसपास करीब 20 हजार लोग मौजूद थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जवाब मांगने के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है।

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आंदोलन को कई राजनीतिक दलों और सामाजिक हस्तियों का समर्थन भी मिला। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, माकपा नेता वृंदा करात, आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय जंतर-मंतर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई। वहीं अभिनेत्री शबाना आजमी और अभिनेता प्रकाश राज ने भी आंदोलन को समर्थन दिया।

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने कहा कि यदि राजनीतिक दलों के नेता सफदरजंग अस्पताल में जाकर वांगचुक से मिलते हैं और संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का मुद्दा उठाने का आश्वासन देते हैं, तो वे अपना अनशन समाप्त करने पर विचार कर सकते हैं।

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CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों से रातभर जंतर-मंतर पर डटे रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और सभी प्रतिभागियों से नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया। दीपके ने यह भी दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के बाद अस्पताल ले जाए जाने के बावजूद सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन जारी है।

उधर, संसद भवन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कुछ प्रवेश द्वारों पर आवागमन सीमित किया गया, जबकि प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

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CJP ने सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर संवाद शुरू करने की मांग करते हुए कहा है कि दमनात्मक कार्रवाई की बजाय शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। आंदोलन को लेकर राजधानी में राजनीतिक हलचल तेज बनी हुई है।

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