सीबीआई द्वारा जिन 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

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जांच एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मामला दर्ज किया है। गौरतलब है कि इस मामले की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय के निर्देश पर फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया था। यह विशेष अदालत सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई करेगी।

उल्लेखनीय है कि 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंपी थी। अब चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही मामले की न्यायिक प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है।

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