मुंबई। गुरु नानक खालसा कॉलेज, मुंबई के हिंदी विभाग के तत्वावधान में उमा कल्याण ट्रस्ट एवं जलोटा वेलफेयर फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से आयोजित ‘सुरों की उमंग अनूप जलोटा के संग – एक संगीतमय प्रेरणा युवाओं के बीच’ कार्यक्रम में गौ संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उमा कल्याण ट्रस्ट की मुख्य ट्रस्टी मीना अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का स्थान प्राप्त है, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में बेसहारा गोवंश सड़कों पर भटकता दिखाई देता है। ऐसे गोवंश की सेवा और संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

यह भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री धामी का संकल्प बना 232 परिवारों की मुस्कान, धौलास में प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सपनों का आशियाना

FB IMG 1785595864307

उन्होंने बताया कि उमा कल्याण ट्रस्ट पिछले कई वर्षों से गौ संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रहा है। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के राल गांव में ‘देवरहा बाबा गौ आश्रय स्थल’ का संचालन किया जा रहा है, जहां लगभग 9,000 बेसहारा गोवंश को आश्रय दिया गया है। गोशाला में गोवंश के लिए चारे, चिकित्सा, देखभाल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है।

मीना अग्रवाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे किसी न किसी रूप में गौ सेवा और गौ संस्कृति के संरक्षण से जुड़ें। उन्होंने कहा कि गाय केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक मूल्यों का महत्वपूर्ण आधार है।

यह भी पढ़ें :  संसद परिसर में विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन, साधु बने पप्पू यादव ने जुटाया ‘चढ़ावा’, राहुल-खड़गे ने डाले पैसे

FB IMG 1785595822956

उन्होंने बताया कि ट्रस्ट द्वारा आयोजित गोवंश आधारित काव्य प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर गाय के प्रति अपनी संवेदनाएं और विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि युवा अपनी कविता, कला, साहित्य, रचनात्मकता और प्रतिभा के माध्यम से भी गौ सेवा और जनजागरूकता में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ते हुए गौ संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना तथा समाज में सकारात्मक जनभागीदारी को बढ़ावा देना रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *