देहरादून : सिद्धपीठ प्राचीन श्री शिव मंदिर, धर्मपुर चौक, देहरादून में मंदिर के वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत ज्ञान सप्ताह का शुभारंभ श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस कथा व्यास आचार्य अरुण सती ने श्रीमद्भागवत के महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा कि “श्रीमद्भागवत भय और रोग की औषधि है।”

आचार्य अरुण सती ने ‘भागवत’ शब्द की व्याख्या करते हुए बताया कि इसमें भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और त्याग का समावेश है। श्रीमद्भागवत मनुष्य को जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध कराने के साथ प्रभु भक्ति की ओर प्रेरित करती है। श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण करने से मन में सकारात्मक विचारों का संचार होता है और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।

कथा के दौरान आचार्य ने गोकरण और धुंधकारी के प्रसंग का भी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि गोकरण सदाचारी, ज्ञानी और भगवान की भक्ति में लीन थे, जबकि उनके भाई धुंधकारी ने अपने जीवन को गलत संगति और दुष्कर्मों में लगा दिया। मृत्यु के बाद धुंधकारी को प्रेत योनि प्राप्त हुई। गोकरण ने उसके उद्धार के लिए श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कराया। सात दिनों तक भागवत कथा के श्रवण के प्रभाव से धुंधकारी का उद्धार हुआ।

यह भी पढ़ें :  ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक – डॉ. पराग मधुकर धकाते

इस प्रसंग के माध्यम से आचार्य ने संदेश दिया कि श्रीमद्भागवत का श्रवण मनुष्य के जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य चाहे कितने भी मोह, भय और विकारों से घिरा हो, प्रभु की भक्ति और सत्संग के माध्यम से जीवन में परिवर्तन संभव है। उन्होंने बताया कि सनत-सनातन, सनक और सनत्कुमार जैसे ऋषियों द्वारा नारद जी को भी भागवत कथा का श्रवण कराया गया था। इसी पवित्र परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज भी कथा सप्ताह के माध्यम से भगवान की महिमा का गुणगान किया जाता है।

यह भी पढ़ें :  उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग ने जारी की 10 पीसीएस समेत 67 पदों के लिये विज्ञप्ति

आचार्य ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को संस्कारित एवं ईश्वरमय बनाने का माध्यम है। कथा श्रवण से मनुष्य भक्ति मार्ग पर आगे बढ़ता है तथा उसके जीवन में ज्ञान और वैराग्य का संचार होता है। कथा के प्रथम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर कथा का श्रवण किया। भजन, संकीर्तन और भगवान के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

प्रथम दिवस के यजमान परिवार में सीताराम भट्ट, दीपक शर्मा, मदन हुरला, मंजू शर्मा एवं लक्ष्मी चौहान रहे। भोग-प्रसाद में लक्ष्मी चौहान एवं भक्तों का सहयोग रहा। कार्यक्रम में समिति के प्रधान सीताराम भट्ट, देवेन्द्र अग्रवाल, दिनेश चमोली, दीपक शर्मा, मदन हुरला, आत्माराम शर्मा, जय प्रकाश बंसल, शरद शर्मा, प्रमोद शर्मा, सुनील कौशिक, सुचेत, सीताराम कश्यप, मंजू, शर्मिला, अर्चना ठाकुर, अन्नू, संगीता खन्ना, सुदेश सहित समिति के पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। अध्यक्ष सीताराम भट्ट जी ने मंदिर के वार्षिक उत्सव की कलश यात्रा में सम्मिलित सभी शिव भक्तों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन में सहयोग के लिए पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।

यह भी पढ़ें :  यूकेडी की अंदरूनी कलह से तीसरी ताकत बनने की उम्मीद को झटका

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *