गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम समेत चमोली जिले के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। धार्मिक स्थलों के आसपास तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम के इस्तेमाल और उनकी गरिमा प्रभावित करने वाले कार्यक्रमों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के आसपास किसी भी तरह का कार्यक्रम आयोजित करने से पहले स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने पर संबंधित आयोजक मंडल या आयोजन समिति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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प्रशासन के आदेश के मुताबिक कार्यक्रम की अनुमति देने का अधिकार संबंधित उप जिलाधिकारी/उप जिला मजिस्ट्रेट के पास रहेगा। अनुमति देने से पहले अधिकारी कार्यक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेंगे। इसके बाद ही आयोजन की अनुमति दी जाएगी। किसी अन्य विभाग या अधिकारी को अनुमति देने के लिए अधिकृत नहीं किया जाएगा।

प्रशासन ने धार्मिक स्थलों की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को प्रभावित करने वाले आयोजनों को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को आदेशों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। बदरीनाथ धाम समेत जिले के अन्य धार्मिक स्थलों के आसपास ध्वनि प्रदूषण और अनधिकृत आयोजनों पर निगरानी बढ़ाने के संकेत भी आदेश से मिले हैं।

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जिलाधिकारी ने साफ किया है कि आदेश की अनदेखी करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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