• तानसिंह लामा

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। अभिनेत्री और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमि पेडनेकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के वैश्विक मंच से जलवायु संकट को लेकर तत्काल और सामूहिक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) भारत की पहली नेशनल एडवोकेट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) के रूप में भूमि ने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आने वाले समय की समस्या नहीं, बल्कि वर्तमान में लोगों और समुदायों को प्रभावित करने वाला संकट है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अपने संदेश में भूमि पेडनेकर ने कहा, “मैं संयुक्त राष्ट्र महासभा में केवल एक संदेश के साथ आई हूं—जलवायु संकट भविष्य की समस्या नहीं है। यह वास्तविक लोगों और वास्तविक स्थानों के साथ अभी घटित हो रहा है और हमें अभी जलवायु कार्रवाई की आवश्यकता है।”

यह भी पढ़ें :  लोक संस्कृति को जीवंत रखते हैं डांडिया और गरबा जैसे आयोजन – मुख्यमंत्री धामी

भूमि के इस वक्तव्य में जलवायु परिवर्तन के सामाजिक प्रभावों को केंद्र में रखा गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जलवायु संकट का असर केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे समाज के संवेदनशील वर्गों और प्रभावित समुदायों के जीवन, आजीविका और भविष्य पर भी सीधा प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में जलवायु कार्रवाई को केवल नीतिगत विमर्श तक सीमित रखने के बजाय इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

सामाजिक मुद्दों पर भी मुखर रही हैं भूमि

भूमि पेडनेकर इससे पहले भी महिलाओं के अधिकार, लैंगिक हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखती रही हैं। सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों में उनकी भागीदारी के साथ-साथ वह शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े विषयों पर भी अपनी राय व्यक्त करती रही हैं।

यह भी पढ़ें :  अब खुली मिठाई पर भी लिखनी होगी निर्माण और एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से उत्तराखंड में नया नियम लागू

जलवायु आपदाओं से प्रभावित समुदायों के प्रति समर्थन के संदर्भ में भी भूमि ने विभिन्न अवसरों पर अपनी चिंता व्यक्त की है। नेपाल और असम में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के समर्थन से जुड़े प्रयासों का भी उन्होंने हिस्सा बनने की कोशिश की है।

SDGs को लेकर सार्वजनिक भागीदारी पर जोर

UNDP इंडिया की नेशनल एडवोकेट के तौर पर भूमि की भूमिका सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को लेकर जागरूकता बढ़ाने और व्यापक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने से जुड़ी है। संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक मंच से उनका जलवायु संदेश इसी व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें :  आयुक्त दीपक रावत का सख्त एक्शन, प्लॉट विवाद में तीन दिन का अल्टीमेटम, गड्ढामुक्त सड़कों की जमीनी जांच के निर्देश; गुणवत्ता में कमी पर अधिकारी होंगे जिम्मेदार

संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से भूमि पेडनेकर का संदेश जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को भविष्य के खतरे के बजाय वर्तमान की चुनौती के रूप में देखने पर केंद्रित रहा। उन्होंने तत्काल कार्रवाई, जागरूकता और सामूहिक प्रयास की आवश्यकता को रेखांकित किया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *