देहरादून: रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई), चंडीगढ़ ने उत्तराखंड के उच्च हिमालयी इलाकों में भारी बर्फबारी और हिमस्खलन (एवलांच) की संभावना जताई है। डीजीआरई के शुक्रवार शाम 5 बजे से शनिवार शाम 5 बजे तक के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों को ‘डेंजर लेवल-3’ (उच्च जोखिम) में रखा गया है, जबकि बागेश्वर जिले को ‘लेवल-2’ श्रेणी में शामिल किया गया है।

इस पूर्वानुमान के आधार पर राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित जिलों के प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश जारी किए हैं। इन क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों पर निरंतर निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें :  दिल्ली मैराथन में चमोली की ‘फ्लाइंग गर्ल’ का जलवा

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने स्थानीय निवासियों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वालों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा टालें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने कहा कि मौसम की मार के कारण इन क्षेत्रों में हिमस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।

हिमस्खलन से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुझाव:

  • बर्फबारी या हिमस्खलन की चेतावनी के दौरान उच्च हिमालयी एवं बर्फीले क्षेत्रों में केवल अत्यंत आवश्यक यात्रा ही करें।
  • पुराने हिमस्खलन प्रभावित ढलानों और एवलांच वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
  • पूर्व में हिमस्खलन से प्रभावित इलाकों में रुकने या शिविर लगाने से पूरी तरह बचें।
  • यदि अधिक बर्फबारी वाले क्षेत्र में फंसे हैं, तो एक-दो दिन के लिए निचले एवं सुरक्षित इलाकों में स्थानांतरित हो जाएं।
  • मोबाइल फोन, पावर बैंक, टॉर्च, प्राथमिक उपचार किट और आवश्यक दवाइयां हमेशा साथ रखें।
  • जिला प्रशासन की किसी भी एडवाइजरी, अलर्ट या प्रतिबंध का पालन करें।
यह भी पढ़ें :  डीएम गौरव कुमार ने दिए कर्णप्रयाग रेल लाइन के लंबित प्रकरणों के समाधान के निर्देश 

पिछले दिनों पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बर्फबारी और बारिश हुई है, जिससे उच्च क्षेत्र सफेद चादर से ढक गए हैं। हालांकि यह नजारा पर्यटकों के लिए आकर्षक है, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा योजनाओं पर पुनर्विचार करना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *