गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार सीमांत नीती घाटी के शीतकालीन अंतिम प्रवास वाले लौंग गांव पहुंचे तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना न रहा। ग्रामीणों ने डीएम के सामने प्रमुख समस्याओं को रखा तो उन्होंनें समाधान का भरोसा दिया। नीती घाटी के लौंग गांव में पहली बार कोई जिलाधिकारी पहुंचा। वह भी शीतकाल के अंतिम प्रवास वाले गांव में। डीएम के पहुंचते ही स्थानीय ग्रामीणों ने उनकी जोरदार आगवानी की। इस दौरान ग्रामीणों ने तमक नाले पर सुरक्षा दीवार निर्माण, गांव से बस सेवा प्रारंभ किये जाने, तमक नाले के पास जमा हो रहे पानी से बन रही झील के जल निकासी की व्यवस्था तथा गांव तक राशन आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने की मांग प्रमुखता से रखी। ग्रामीणों ने बताया कि अभी उन्हें परिवहन और राशन के लिए लगभग 12 किमी की दूरी तय करके जाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों को तमाम तरह की समस्याओ का सामना करना पड़ता है।

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डीएम गौरव कुमार ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि दुर्गम और सीमांत गांवों के निवासियों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही नहीं बरती जाएगी। जिलाधिकारी के दौरे से ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है और उन्होंने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान की उम्मीद जताई है। ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार किसी जिलाधिकारी का उनके गांव आगमन हुआ है। इससे उनमें खास उत्साह और उम्मीद देखने को मिली।

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