मुंबई : गोवंश संरक्षण को केंद्र में रखकर आयोजित एक विशेष काव्य प्रतियोगिता का फाइनल गुरु नानक खालसा महाविद्यालय, माटुंगा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रतियोगिता गुरु नानक खालसा महाविद्यालय, उमा कल्याण ट्रस्ट तथा भारतीय गोवंश रक्षण-संवर्द्धन परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। मुंबई और आसपास के 15 विभिन्न कॉलेजों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों ने इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया।

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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवयित्री प्रमिला भारती रहीं, जिन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि कविता केवल व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को सही दिशा देने का एक सशक्त साधन भी है। खालसा महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. डॉ. रत्ना शर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि हिंदी विभागाध्यक्ष एवं उपप्राचार्य प्रो. डॉ. मृगेन्द्र राय ने प्रतियोगिता का संचालन किया। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने विशेष अतिथि के रूप में उमा कल्याण ट्रस्ट के गोवंश संरक्षण संबंधी कार्यों की प्रशंसा की।

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प्रतियोगिता के परिणामों में रामनिरंजन झुनझुनवाला कॉलेज की मौसम यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, भवंस कॉलेज के पवनजीत गुप्ता ने द्वितीय स्थान हासिल किया तथा राम नारायण रुइया कॉलेज की तनु सिंह तृतीय स्थान पर रहीं। कीर्ति कॉलेज की महिमा मिश्रा और एल.आर. तिवारी डिग्री कॉलेज की ऐश्वर्या शुक्ला को प्रोत्साहन पुरस्कार दिए जाएंगे। विजेताओं को पुरस्कार वितरण के लिए शीघ्र एक अलग समारोह आयोजित किया जाएगा। निर्णायक मंडल में डॉ. आर.एस. दुबे, डॉ. बी.पी. सिंह और डॉ. उषा मिश्रा शामिल थे।

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यह काव्य प्रतियोगिता गोवंश आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं की एक श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय देशी गोवंश की वैज्ञानिक उपयोगिता, सांस्कृतिक महत्व, ग्रामीण जीवन में भूमिका तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान से अवगत कराना है। आयोजकों का मानना है कि ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थी गाय से भावनात्मक जुड़ाव महसूस करेंगे, अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ेंगे तथा देशभक्ति की भावना मजबूत होगी।

प्रतियोगिताएं तीन वर्गों में विभाजित हैं—9वीं-10वीं, 11वीं-12वीं तथा स्नातक-स्नातकोत्तर स्तर। निबंध, भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताएं पहले दो वर्गों के लिए हैं, जबकि काव्य प्रतियोगिता सभी तीनों वर्गों में आयोजित की जा रही है। सभी प्रतियोगिताओं का विषय गोवंश से संबंधित है और भाषा हिंदी निर्धारित है। प्रथम चरण में मुंबई क्षेत्र के स्कूल-कॉलेजों में ये प्रतियोगिताएं चल रही हैं तथा जल्द ही अन्य शहरों में भी इनका विस्तार किया जाएगा।

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आयोजन में मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग, हिंदी सेवा परिषद, पब्लिक हाई स्कूल, गुरु नानक खालसा कॉलेज और रामनिरंजन झुनझुनवाला कॉलेज ने सहयोग प्रदान किया। यह पहल गोवंश संरक्षण के साथ-साथ युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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