• 29 विषयों को हस्तांतरित किए जाने की कार्यवाही को तुरंत अमल लाने के निर्देश

देहरादून। प्रदेश के पंचायतीराज, पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने पंचायतीराज विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए की पंचायत की भूमि पर जहां कहीं भी कब्ज़ों और अतिक्रमण की स्थिति है उसे तुरंत हटाया जाना चाहिए। उन्होंने लैंड बैंक की स्थिति का आंकलन करने के साथ-साथ 73वें संविधान संशोधन के फलस्वरुप संविधान की 11वीं अनुसूची में वर्णित 29 विषयों की निधियों, कार्यों एवं कार्मिक त्रिस्तरीय पंचायतों को हस्तांतरित किए जाने की कार्यवाही को भी तुरंत अमल में लाने के निर्देश दिए।

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प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को सहस्त्रधारा रोड, डंडा लखौंड स्थित पंचायतीराज निदेशालय में पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की स्थिति का आंकलन करने के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान उन्होंने 15वें वित्त आयोग द्वारा प्रदेश को मिली धनराशि की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य को 2020-21 से 2025-26 तक 15वीं वित्त आयोग से टाइट फंड के तहत 1182.6 करोड़ और अनटाइड फंड से 1630.4 करोड़ की धनराशि सहित कुल 2813 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है। उक्त धनराशि से पंचायतों में कंपोस्ट पिट, वर्मी कंपोस्ट पिट, कम्युनिटी डस्टबिन, कूड़ा कलेक्शन वैन, यात्री प्रतीक्षालय, रीसाइकलिंग प्लांट, प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन केंद्र, प्राथमिक कूड़ा संग्रहण केंद्र सहित गत पांच वर्षों में राज्य सेक्टर से 850 और आरजीएसए से 512 कुल 1362 पंचायत भवनों का निर्माण किया गया है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक कुल 1953 पंचायत भवनों का निर्माण करना है। इसके लिए प्रति वर्ष औसतन 490 पंचायत भवन के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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पंचायतीराज मंत्री महाराज ने बताया कि पांच दिवसीय आवासीय आधारभूत अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 58729 के सापेक्ष अभी तक 55274 नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों एवं वार्ड सदस्यों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अलावा महिला पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण हेतु राज्य स्तर पर 39 तथा जनपद स्तर पर 190 प्रतिभागी मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किए गए हैं। समीक्षा बैठक में पंचायती राज विभाग के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, पंचायत निदेशक निधि यादव, संयुक्त निदेशक रविनाथ रमन त्रिपाठी, हिमाली जोशी पेटवाल, अपर निदेशक मनोज तिवारी सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे।

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