देहरादून: नावार्ड एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विकासखंड चकराता के फेडिज ग्राम पोस्ट ऑफिस अटIल में ग्राम दुकान की स्थापना  की गई है। ग्राम दुकान का उद्घाटन अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष लीलावती राना ने किया, जिसमें सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि महिलाओं को आजीविका के लिए ग्राम दुकान एक बहुत अच्छा प्लेटफार्म है, इससे महिलाओं की आजीविका तो सुधरेगी ही, इसके साथ-साथ महिलाओं को घर से बाहर निकलने व व्यवसाय से जुड़ने के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे।

IMG 20260223 WA0007

उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के विकास के लिए प्रतिबंध है तथा महिलाओं को आगे कौशल विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, चक्राता एनआरएलएम की ब्लॉक मिशन प्रबंधक डॉक्टर पूजा गौड़ ने बताया कि अब महिलाओं द्वारा निर्मित सभी वस्तुओं को उपभोक्ता तक पहुंचाने के लिए ग्राम दुकान बहुत अच्छा माध्यम है।

यह भी पढ़ें :  दिल्ली मैराथन में चमोली की ‘फ्लाइंग गर्ल’ का जलवा

सभी महिलाओं के विभिन्न प्रकार की वस्तुएं निर्मित की जा रही हैं, उनको ग्राम दुकान के माध्यम से अह उनको मार्केट तक पहुंचाने का एक अच्छा प्लेटफार्म साबित होगा, अब महिलाओं को मार्केट तक अपनी उत्पाद को मार्केट तक ले जाने की तलाश खत्म हो चुकी है।

IMG 20260223 WA0008 1

NRLM चकराता की संपूर्ण टीम अपने हर संभव देहरादून जिले के विकासखंड चकराता के फेडिज ग्राम (पोस्ट ऑफिस अटाल) में नाबार्ड (NABARD) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के संयुक्त तत्वावधान में एक ग्राम दुकान की स्थापना की गई है। इस दुकान का उद्घाटन उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष डॉ. लीलावती राना ने किया।

उद्घाटन समारोह में स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. लीलावती राना ने कहा कि यह ग्राम दुकान महिलाओं के लिए आजीविका का एक उत्कृष्ट प्लेटफॉर्म साबित होगी।

यह भी पढ़ें :  दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत

इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि महिलाएं घर से बाहर निकलकर व्यवसाय से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के बेहतर अवसर प्राप्त करेंगी। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा उनके उत्थान के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

NRLM चकराता की ब्लॉक मिशन प्रबंधक डॉ. पूजा गौड़ ने बताया कि अब स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों, जैसे हस्तशिल्प, खाद्य सामग्री और अन्य स्थानीय वस्तुओं को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए यह ग्राम दुकान एक प्रभावी माध्यम बनेगी। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों को बाजार तक ले जाने की चुनौती से मुक्ति मिलेगी और उनकी आय में स्थिर वृद्धि होगी।

NRLM की पूरी टीम दूर-दराज के गांवों में स्वयं सहायता समूहों को संगठित कर महिलाओं के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

यह भी पढ़ें :  जनजाति समाज देवभूमि उत्तराखंड की आत्मा में बसता है – सीएम धामी

समारोह में पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक श्री मयंक सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि बैंक विभिन्न लिंकेज कार्यक्रमों के तहत महिलाओं को सस्ती ब्याज दरों पर सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) उपलब्ध करा रहा है, जिससे वे अपनी आजीविका से जुड़े कई नए व्यवसाय शुरू कर रही हैं।

इस अवसर पर समाजसेवी एवं भाजपा नेता दुल्हाराम शर्मा, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य सुरेंद्र राणा, सुरवीर सिंह धोबाल सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं।

यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो NRLM के उद्देश्यों को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *