देहरादून/बागेश्वर: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के निवासी हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया शहीद हो गए। यह घटना ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ के दौरान हुई, जिसमें भारतीय सेना की स्पेशल फोर्सेस (टू पैरा कमांडो यूनिट) के जवान आतंकियों की तलाश में जुटे थे। शहीद गजेंद्र सिंह मूल रूप से बागेश्वर के कपकोट क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिथ्थी (पाण्याती) के रहने वाले थे। उनकी उम्र 43 वर्ष थी और वे पुत्र धन सिंह थे।

यह भी पढ़ें :  CAA के नए कानून के तहत उत्तराखंड में 159 लोगों को भारत की नागरिकता, अफगानिस्तान व पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर आए  हिंदुओं को भारत में मोदी – धामी सरकार ने दिया सम्मान

रविवार रात (18 जनवरी 2026) को सिंहपुरा (सिंगपोरा) क्षेत्र के जंगलों में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने जम्मू-कश्मीर स्थित पाकिस्तान आधारित जैश-ए-मोहम्मद के 2-3 आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर ऑपरेशन शुरू किया।

आतंकियों ने ऊंचाई का फायदा उठाते हुए ग्रेनेड हमला किया, जिसमें 8 जवान घायल हुए। हवलदार गजेंद्र सिंह को गंभीर चोटें आईं। उन्हें उधमपुर के मिलिट्री हॉस्पिटल में इलाज के लिए ले जाया गया, जहां सोमवार (19 जनवरी) की रात में उन्होंने अंतिम सांस ली।

यह भी पढ़ें :  बजट सत्र की तैयारियों में कोई कोताही न बरते – डीएम

भारतीय सेना के व्हाइट नाइट कोर ने X पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा: “हवलदार गजेंद्र सिंह ने काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन में वीरतापूर्वक सर्वोच्च बलिदान दिया।” सूचना मिलते ही पत्नी और परिवारजन बेसुध हो गए। बच्चे फूट-फूटकर रो रहे हैं। उनका पार्थिव शरीर आज (20 जनवरी 2026) हेलीकॉप्टर से बागेश्वर पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद पैतृक गांव बिथ्थी में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहन शोक व्यक्त किया और शहीद को श्रद्धांजलि दी। पूरे उत्तराखंड में इस खबर से शोक व्याप्त है, लोग सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *