देहरादून :  ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और डिजिटल सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को 10K FPO योजना के अंतर्गत कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में ऑनबोर्ड किया जा रहा है।

यह पहल भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और CSC ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के मध्य संपन्न एमओयू के अनुरूप क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य चयनित एफपीओ को CSC इकोसिस्टम से जोड़कर उन्हें ग्रामीण स्तर पर सरकारी (G2C) एवं व्यावसायिक (B2C) सेवाएं प्रदान करने हेतु सक्षम बनाना है।

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परियोजना के अंतर्गत पात्र एफपीओ का चरणबद्ध तरीके से डेटा संग्रहण, आधार आधारित सत्यापन, अनुपालन जांच एवं सिस्टम व्हाइटलिस्टिंग की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। ऑनबोर्डिंग के पश्चात ये एफपीओ ग्रामीण डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में कार्य करेंगे तथा किसानों एवं ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, वित्तीय समावेशन सेवाओं, कृषि संबंधी सुविधाओं एवं अन्य डिजिटल सेवाओं तक पहुंच प्रदान करेंगे।

इस संबंध में सीएससी उत्तराखण्ड के दीपक चौहान ने बताया कि यह पहल राज्य के एफपीओ को डिजिटल रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर राजस्व मॉडल से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एफपीओ को सीएससी प्लेटफॉर्म से जोड़ने के बाद वे न केवल कृषि संबंधी गतिविधियों तक सीमित रहेंगे, बल्कि सरकारी एवं डिजिटल सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर बहुआयामी सेवा केंद्र के रूप में कार्य कर सकेंगे। इससे किसानों की पहुंच सरकारी योजनाओं एवं वित्तीय सेवाओं तक और अधिक सुगम होगी।

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यह पहल डिजिटल इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप ग्रामीण संस्थाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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