नैनीताल। शहर के ऐतिहासिक ओल्ड लंदन हाउस में एक बार फिर आग लगने की घटना से हड़कंप मच गया। बुधवार देर रात करीब तीन बजे ब्रिटिश कालीन इस भवन में अचानक आग भड़क उठी। स्थानीय लोगों ने धुआं उठता देख तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों की मदद से कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते भवन का एक बड़ा हिस्सा और आसपास की तीन दुकानें — जिनमें एक फर्नीचर की दुकान भी शामिल है — पूरी तरह जलकर राख हो गईं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस बार कोई जनहानि नहीं हुई।

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दमकल को झेलनी पड़ी पानी की कमी की चुनौती

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि आग लगने की सूचना समय पर देने के बावजूद आग बुझाने में काफी देर हुई। उनका कहना है कि दमकल कर्मी तो मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन पर्याप्त पानी की व्यवस्था न होने के कारण आग पर काबू पाने में काफी कठिनाई हुई।

एसपी सिटी ने दी जानकारी

एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, लेकिन एहतियातन दमकल की एक टीम को मौके पर तैनात किया गया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आतिशबाजी के कारण आग लगी हो सकती है। उन्होंने बताया कि भवन पुराना और लकड़ी का बना होने के कारण आग तेजी से फैल गई।

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एक माह पूर्व गई थी एक महिला की जान

गौरतलब है कि इससे पहले 27 अगस्त 2025 की रात भी ओल्ड लंदन हाउस में भीषण आग लगी थी। उस समय मल्लीताल के मोहन चौराहे स्थित इस भवन में रात करीब 10 बजे आग भड़की थी। आग में भवन का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा जलकर राख हो गया था और एक बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई थी।

उस घटना में इतिहासकार अजय रावत की बहन पक्ष के परिवार के सदस्य भी भवन में रह रहे थे। उस समय भी फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने में कई घंटे लग गए थे। अब एक माह के भीतर दोबारा आग लगने से शहरवासियों में प्रशासन और दमकल विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है।

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पुराना भवन अब पूरी तरह हुआ खाक

इस बार की आग में ओल्ड लंदन हाउस का शेष बचा हिस्सा भी जलकर खाक हो गया है। प्रशासन ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा के मद्देनजर भवन के आसपास लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।