इंफाल : मणिपुर के उखरुल जिले में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। टांगखुल नगा समुदाय के एक सदस्य पर कथित हमले के बाद भड़की हिंसा में कई घरों को आग लगा दी गई और गोलियां भी चलीं। हालात बिगड़ने पर राज्य सरकार ने जिले में इंटरनेट सेवाओं को 5 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, हिंसा की शुरुआत शनिवार रात लिटन गांव में एक टांगखुल नगा व्यक्ति पर 7-8 लोगों द्वारा कथित हमले से हुई। इसके बाद रविवार-सोमवार की रात लिटन सारीखोंग इलाके में बदले की कार्रवाई में संदिग्ध सशस्त्र बदमाशों ने कई खाली पड़े घरों को आग के हवाले कर दिया। मंगलवार सुबह भी फायरिंग की घटनाएं हुईं, जिसमें कई राउंड गोलियां चलीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम 20-21 घर जलाए गए, जिनमें ज्यादातर टांगखुल नगा समुदाय के थे। कुछ घर कूकी समुदाय के भी प्रभावित हुए।

यह भी पढ़ें :  गलगोटियास यूनिवर्सिटी पर चीनी रोबोटिक डॉग को अपना बताकर पेश करने के आरोप, एक्सपो से बाहर करने के आदेश

घटनास्थल पर सेना, असम राइफल्स और रैपिड एक्शन फोर्स की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। लिटन क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है और सुरक्षा बल स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं। कई ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो गए हैं। राज्य सरकार के गृह आयुक्त ने इंटरनेट, ब्रॉडबैंड, वीपीएन और वीएसएटी सेवाओं को उखरुल जिले में 5 दिनों के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि यह कदम गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार को रोकने तथा सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है।

यह भी पढ़ें :  बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार

यह घटना मणिपुर में 2023 से जारी जातीय तनाव (मुख्य रूप से कूकी-जो और मेइती/नगा समुदायों के बीच) की पृष्ठभूमि में हुई है, जिसने राज्य को अस्थिर कर रखा है। प्रशासन ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जांच जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *