गोपेश्वर (चमोली)। सरस्वती शिशु मंदिर गोपेश्वर में सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। शिशु मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय परिवार से जुड़ी मां बहनों ने भाग लिया। इस दौरान पर्यावरण के संबंध में भारतीय दृष्टि तथा भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर वक्ताओं का कहना था कि भारतीय नारी मात्र एक व्यक्ति नहीं अपितु संपूर्ण चेतना का प्रतीक है। नारी परिवार की आधारशीला, समाज की प्रेरणा और राष्ट्र की आत्मा है। नारी संपूर्ण मानवता और प्रकृति की दायित्वधारणी के रूप में सदियों से प्रतिष्ठित रही है। इसके चलते ही भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, करूणा, ममता, समपर्ण तथा त्याग का स्वरूप माना गया है। वह हर घर परिवार की मर्यादाओं की रक्षक, समाज निर्माण की पथ प्रदर्शिका के साथ-साथ माता, बहन, बेटी आशा के किरण के रूप में देखी जा सकती है। इस अवसर पर जीजीआईसी गोपेश्वर की राखी चौहान ने सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम के बारें में विस्तार से जानकारी दी। मीना तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम मंें आभा नेगी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान प्राधानाचार्य सुरेंद्र सिंह रावत, व्यवस्थापक शांति प्रसाद भट्ट, श्रीराम चंद्र भट्ट सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य हिम्मत ंिसह चौहान, नीतू, यशोदा, शिखा आदि मौजूद रहे।

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