नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में स्थानीय कारकों और धीमी हवा की गति के कारण प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार सुबह घने कोहरे और स्मॉग की मोटी चादर ने शहर को पूरी तरह ढक लिया, जिससे कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो गई। लगातार पांचवें दिन हवा ‘बेहद खराब’ से ‘खतरनाक’ श्रेणी में बनी हुई है।

एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, सुबह का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 376 से ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। कई क्षेत्रों में AQI 400 से पार हो गया, जबकि कुछ मॉनिटरिंग स्टेशनों पर यह 500-600 के स्तर तक पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों से पता चलता है कि PM2.5 और PM10 का स्तर अत्यधिक ऊंचा है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।

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इस प्रदूषण और कोहरे के कारण लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खासकर अस्थमा और सांस के मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है। कम दृश्यता से सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जबकि हवाई यातायात में भी देरी और रद्दीकरण देखे जा रहे हैं। दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें लो विजिबिलिटी प्रक्रियाओं के तहत उड़ानों में बदलाव की चेतावनी दी गई है।

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मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि शांत हवाओं और ठंड के कारण प्रदूषक हवा में फंस रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। GRAP स्टेज-4 के तहत सख्त उपाय लागू हैं, लेकिन फिलहाल राहत के आसार कम हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग घर से बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनें और संवेदनशील समूह बाहर जाने से बचें।

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