देहरादून/उत्तरकाशी : उत्तरकाशी जिले की पुरोला विधानसभा सीट से भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल और उनकी पत्नी निशा लाल के बैंक खातों में मनरेगा योजना के तहत मजदूरी का भुगतान होने का मामला सामने आया है। यह खुलासा मनरेगा के ऑनलाइन पोर्टल से प्राप्त जानकारी से हुआ है, जिसके बाद क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

विधायक दुर्गेश्वर लाल का मनरेगा जॉब कार्ड वर्ष 2022 में भाजपा टिकट पर विधायक चुने जाने से पूर्व का बना हुआ था। पोर्टल के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 तक कुल 11 कार्यों के एवज में पति-पत्नी दोनों के खातों में 22,962 रुपये का भुगतान हुआ है। इसमें विधायक बनने के बाद भी भुगतान शामिल है।

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विशेष रूप से, जून 2022 में विधायक की पत्नी निशा को रेक्चा में आम रास्ते की पीसीसी खड़ंजा निर्माण कार्य के लिए भुगतान दिखाया गया है। वहीं, अगस्त-सितंबर 2024 और नवंबर 2024 में बाजुडी तोक में पीसीसी तथा समलाडी तोक में वृक्षारोपण कार्य के लिए भुगतान दर्ज है। वर्तमान वर्ष में विधायक दुर्गेश्वर लाल को पिनेक्ची तोक में भूमि विकास कार्य के लिए रोजगार मिलना दिखाया गया है। विधायक रहते हुए तीन कार्यों के लिए 5,214 रुपये का भुगतान पोर्टल पर अंकित है।

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ब्लॉक कार्यालय में मनरेगा सहायक यशवंत ने बताया कि संबंधित मस्टरोल (श्रमिकों की उपस्थिति और भुगतान का रिकॉर्ड) पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं और ब्लॉक में इसकी फाइल या मस्टरोल उपलब्ध नहीं है।

विधायक दुर्गेश्वर लाल ने इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा, “बिचौलियों की दुकानें बंद हो गईं, इसलिए वे मुझे ट्रोल कर रहे हैं। मनरेगा का मस्टरोल तब तक नहीं निकलता जब तक काम करने वाले के हस्ताक्षर न हों। विधायक बनने से पूर्व मेरा जॉब कार्ड जरूर था।”

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विकासखंड मोरी के खंड विकास अधिकारी शशि भूषण बिंजोला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि शनिवार को आराकोट में जन सेवा शिविर के बाद संबंधित कार्मिकों से जानकारी ली जाएगी। दोषी पाए जाने पर मनरेगा के तहत जारी धनराशि की पूरी रिकवरी की जाएगी। ब्लॉक अधिकारियों का कहना है कि भुगतान पूर्व में बने जॉब कार्ड के आधार पर हुआ था।

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