बागेश्वर : जिलाधिकारी आकांक्षा कोन्डे ने शुक्रवार को राजकीय नर्सरी का औचक निरीक्षण कर नर्सरी की कार्यप्रणाली, व्यवस्थाओं एवं पौध उत्पादन की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला उद्यान अधिकारी से नर्सरी में उगाए जा रहे पौधों तथा उनकी विभिन्न प्रजातियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान नर्सरी की खराब स्थिति, साफ-सफाई की कमी तथा संसाधनों के समुचित उपयोग न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी दो माह के भीतर नर्सरी की स्थिति में ठोस एवं प्रभावी सुधार परिलक्षित होना चाहिए।

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जिलाधिकारी ने नर्सरी परिसर में स्थित जीर्ण-शीर्ण भवनों के ध्वस्तीकरण के निर्देश देते हुए कहा कि खाली भूमि का बेहतर एवं योजनाबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही परिसर में पड़े वेस्ट मटीरियल को तत्काल हटाने तथा किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने मैनपावर बढ़ाने, मल्टीपल वैरायटी के पौधों का रोपण सुनिश्चित करने तथा नर्सरी में समस्त कार्य देशी एवं ऑर्गेनिक पद्धति से किए जाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त फ्लोरीकल्चर को बढ़ावा देने हेतु विशेष रूप से कार्य करने को कहा।

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जिलाधिकारी ने नर्सरी में ऑर्गेनिक गार्डन विकसित करने तथा स्थानीय नागरिकों एवं स्कूली बच्चों के लिए विजिट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे बच्चों को पौध सैंपलिंग, कटिंग एवं नर्सरी तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी मिल सके। इसके साथ ही अन्य नर्सरियों में कार्यरत महिलाओं के साथ टाई-अप कर प्लांटिंग मटीरियल की उपलब्धता एवं क्रय की व्यवस्था करने तथा नर्सरी परिसर में आउटलेट स्थापित करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला उद्यान अधिकारी हरीश चंद्र आर्या, कुलदीप जोशी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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