नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के सम्मान और प्रस्तुति को लेकर महत्वपूर्ण नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब सरकारी कार्यक्रमों, सरकारी स्कूलों तथा अन्य आधिकारिक आयोजनों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण संस्करण बजाया या गाया जाएगा, जो राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले प्रस्तुत किया जाएगा।

नए नियमों के तहत ‘वंदे मातरम’ का आधिकारिक संस्करण छह छंदों (अंतरों) वाला होगा, जिसकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है। यह संस्करण बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित मूल गीत पर आधारित है। गृह मंत्रालय के निर्देश स्पष्ट करते हैं कि जब किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं, तो पहले ‘वंदे मातरम’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ बजाया जाएगा।

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इस दौरान उपस्थित सभी व्यक्तियों को सावधान मुद्रा में खड़े रहना अनिवार्य होगा, ठीक वैसे ही जैसे राष्ट्रगान के समय होता है। हालांकि, सिनेमा हॉल में फिल्मों या न्यूज रील के दौरान गीत बजने पर खड़े होने की अनिवार्यता नहीं होगी, क्योंकि इससे दर्शकों को असुविधा हो सकती है।

ये दिशा-निर्देश होंगे लागू 

  • राष्ट्रीय ध्वज फहराने के समय।
  • राष्ट्रपति या राज्यपाल के किसी कार्यक्रम में आगमन-प्रस्थान पर।
  • उनके भाषणों या राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में।
  • पैडमा पुरस्कार जैसे नागरिक सम्मान समारोहों में।
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यह कदम ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उठाया गया है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति एकसमान सम्मान और प्रोटोकॉल सुनिश्चित करना है। गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी 2026 को जारी 10 पन्नों के विस्तृत आदेश में इन नियमों को सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक संस्थाओं को भेजा है।

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